आसनसोल.
कुल्टी थाना क्षेत्र में स्थित बीसीसीएल की सीबी एरिया अंतर्गत बोड़ीरा ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) में शुक्रवार तड़के अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से हुई भयावह दुर्घटना को लेकर सभी ने चुप्पी साध ली है. किसी ने कोई आवाज नहीं उठायी. इस दुर्घटना में अनेकों के मरने और घायल होने को लेकर शिल्पांचल में पूरे दिन इसी खबर की चर्चा होती रही, लेकिन पुलिस और कोलियरी प्रबंधन ने कहा कि उनके पास इसप्रकार की किसी घटना की कोई सूचना नहीं है. आसनसोल नगर निगम के कुल्टी क्षेत्र के स्थानीय पार्षद व भाजपा नेता ललन मेहरा इस मुद्दे पर मुखर हुए. उन्होंने कहा कि वे कुंभ गये हुए हैं, शुक्रवार शाम को इस घटना की जानकारी मिली. जिसमें उनके घर के पास रहनेवाले युवक विक्रम साव के मौत की खबर मिलते ही वे कुंभ के बाद अन्य सारे तीर्थ स्थानों में जाने का कार्यक्रम रद्द करके वापस लौट रहे है. वे यहां रहने पर बिक्रम का शव बिना पोस्टमॉर्टम और उचित मुआवजा दिए बगैर जलाने नहीं देते. लौटते ही बिक्रम के मौत का पूरा खुलासा करवाएंगे.गौरलतब है कि शुक्रवार तड़के बोड़ीरा ओसीपी में अवैध खनन के दौरान चाल धंस गयी. स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिस समय चाल धंसी उस दौरान दर्जनों लोग अंदर थे. इसकी सूचना मिलते ही कोयला तस्करों का झुंड आया और चाल के अंदर फंसे लोगों को निकालने में जुट गया. जो निकल सके उन्हें निकाला गया, बाकी को मरा हुआ समझ कर अंदर ही छोड़ दिया. एक दर्जन लोग इसमें घायल हुए, जिन्हें विभिन्न जगहों पर इलाज के लिए दाखिल किया गया है. पांच लोगों के मरने की बात सामने आयी, लेकिन एक के मरने की अनौपचारिक रूप से पुष्टि हुई है.सीएम के डर से मामले की लीपापोती में नहीं छोड़ी गयी कसर
स्थानीय लोगों के अनुसार इस घटना की लीलापोति के लिए हर स्तर पर लोग जुटे रहें. मामला बाहर न आये इसे लेकर हर उस कार्य को किया गया जो संभव था. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इस धटना की भनक तक नहीं है. सभी को डर है कि मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया तो अनेकों पर गाज गिर जाएगी. क्योंकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी प्रकार का अवैध कारोबार को वह बर्दास्त नहीं करेंगी. इसे लेकर एडीपीसी के दो पुलिस अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है. ऐसे में अवैध खनन में लोगों के मरने की सूचना फैलेगी तो क्या होगा? इसका डर सभी को सता रहा है. मजे की बात है कि इस मुद्दे पर इलाके और जिला स्तर के अनेकों नेताओं से बात की गयी. सभी से स्वीकार किया कि दुर्घटना की जानकारी है, लेकिन कोई कुछ कहने को तैयार नहीं था.ललन मेहरा के मुखर होने से क्या पीड़ित परिवार को मिलेगा इंसाफ
स्थानीय पार्षद ललन मेहरा अवैध कोयला खनन के कारोबार को लेकर हमेशा मुखर रहे हैं. इससे पहले भी बोड़ीरा खदान में धंसान की घटना को लेकर उन्होंने आवाज उठायी और अवैध सुरंग में फंसे हुए लोगों को निकालने की मांग पर अड़ जाने से कोलियरी प्रबंधन को लोगों को निकालने के लिए दो दिनों तक कार्य करना पड़ा था. श्री मेहरा कुंभ गये है, फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उनके घर के निकट रहनेवाला बिक्रम के इस दुर्घटना में मरने की खबर मिली है. उसका शव भी बिना पोस्टमॉर्टम का जला दिया गया है. वे लौट रहे हैं और सबसे इसका हिसाब मांगेंगे. श्री मेहरा क्या बिक्रम के मौत का इंसाफ दिला पाएंगे? स्थानीय लोगों ने बताया कि बिक्रम के पिता घूम-घूमकर बर्तन बेचते हैं. उनके बेटे की मौत पर दो लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया है और किसी के सामने मुह न खोलने को कहा गया है. किसी को कुछ बताने पर मुआवजा नहीं मिलेगा और भयानक अंजाम भी भुगतने की धमकी दी गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
