आसनसोल में रह रहे थे घर किराये पर लेकर, यहीं से बैठ कर घटना को दे रहे थे अंजाम
2.06 लाख रुपये की ठगी के मामले में इनके नंबर पर एमपी में दर्ज है प्राथमिकी, अन्य साथियों के बताये नाम भीआसनसोल. साइबर क्राइम थाना आसनसोल को बड़ी सफलता हाथ लगी. धनबाद (झारखंड) जिला के मनियाडिहा थाना क्षेत्र के काठझोरी इलाके का निवासी मुन्ना कुमार मंडल (20), गिरिडीह (झारखंड) जिला के तारतार थाना क्षेत्र के पिंडरिया गांव का निवासी उमेश मडंल (24) और देवघर (झारखंड) जिला के मार्गोमुंडा थाना क्षेत्र के केंदुआटाढ़ इलाके का निवासी दिलीप मंडल (26) को पुलिस ने गिरफ्तार किया. ये लोग आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र के एक नम्बर मोहिशिला कॉलोनी, ऊषाग्राम इलाके में एक मकान किराए पर लेकर रह रहे थे. इनके पास जो मोबाइल नम्बर है, उस नम्बर से मध्यप्रदेश में मांगीलाल नामक एक व्यक्ति फोन करके 2,06,634.79 रुपये की ठगी हुई थी. जिसकी शिकायत एनसीआरपी में दर्ज है. जांच के क्रम में यह मोबाइल नम्बर आसनसोल में पाया गया और तकनीकी मदद से आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार रात को गिरफ्तार किया. शुक्रवार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया और जांच अधिकारी की अपील पर अदालत ने आरोपियों को सात दिनों की पुलिस रिमांड में भेज दिया.ऐसे पकड़े गये तीनों आरोपी
पुलिस के विभिन्न विभाग नियमित प्रतिबिम्ब पोर्टल की मॉनिटरिंग करती है. इस एप में वे सारे मोबाइल नम्बर का पूरा विवरण रहता है, जिससे कभी न कभी कोई साइबर क्राइम हुआ हो. पूरे देशभर में पुलिस इस पोर्टल की निगरानी करती है. इसी निगरानी के दौरान साइबर क्राइम थाना के अवर निरीक्षक सुसीम सरकार को एक मोबाइल नम्बर 9771579119 की जानकारी आसनसोल में होने की मिली. जिसके बाद तकनीकी मदद से पुलिस वहां पहुंची और एक कमरे ऊक्त नम्बर लगे मोबाइल फोन के साथ तीन लोग मौजूद थे. पुलिस ने सभी से पूछताछ शुरू की, जिसमें सच्चाई सामने आ गयी. आरोपियों ने बताया कि वे लोग एपीके फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल फोन पर नियंत्रण करके उनका पैसा हड़पकर म्युल खातों में ट्रांसफर करते हैं. बिहार और झारखंड में काम करने वाले गैंग के अन्य सदस्य रकम की निकासी करते हैं.एक साल पहले आसनसोल में किराये पर लिया मकान
प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह मकान एक साल पहले वे लोग किराए पर लिए थे. दो मंजिला मकान है, नीचे मालकिन रहती है और उपर के एक कमरे को वे चार हजार रुपये किराया पर लिए हैं. उनका एक साथी अपनी पत्नी के इलाज के लिए यहां कुछ महीनों तक रुका था, उसके बाद ही यह लोग कुछ दिनों पहले ही यहां आकर डेरा जमाए हैं. पुलिस जांच कर रही है कि कितने कांड को इनलोगों ने अंजाम दिया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
