आसनसोल में रोज जमा हो रहा था 400 टन कूड़ा आज से काम पर सफाईकर्मी, हटेगा जंजाल

पिछले आठ दिनों (शुक्रवार) से चल रही आसनसोल नगर निगम के सफाईकर्मियों की हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गयी. रविवार से वे काम पर लौटेंगे.

आसनसोल.

पिछले आठ दिनों (शुक्रवार) से चल रही आसनसोल नगर निगम के सफाईकर्मियों की हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गयी. रविवार से वे काम पर लौटेंगे. सफाईकर्मियों की मांगों को लेकर शनिवार को निगम कार्यालय में मेयर की मौजूदगी में बैठक हुई, जिसमें सभी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उन लोगों ने हड़ताल वापस ले ली. सफाई कर्मचारी आंदोलन के जिला संयोजक रवि हाड़ी ने बताया कि चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, उप मेयर अभिजीत घटक, वसीमुल हक व निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक हुई. जिसमें सभी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया गया, जिसके बाद यह आंदोलन खत्म कर दिया गया.

किसी भी निगम के सफाईकर्मियों में आसनसोल में सर्वाधिक वेतन

बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए उपमेयर अभिजीत घटक ने बताया कि आसनसोल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को प्रतिदिन 407 रुपये हाजिरी मिलता है. यह पैसा देश के किसी भी नगर निगम के सफाई कर्मचारी को मिलनेवाली वेतन से अधिक है. 407 रुपये अनेकों कारखाने में श्रमिकों को हाजिरी नहीं मिलता है. इसके बाद भी वेतन बढ़ाने पर विचार किया जाएगा और दो माह में आपसी सहमति से निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि आठ दिनों के हड़ताल का पैसा नहीं कटेगा, छुट्टी के दिनों में भी काम करके एडजस्ट करने को कहा गया है. इसके बाद हड़ताल करने पर पैसा जरूर काटा जाएगा.

आठ दिनों की हड़ताल से शहर बन गया कूड़ेदान

पिछले आठ दिनों से आसनसोल नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के हड़ताल के कारण शहर कूड़ेदान में बदल गया था. सफाई विभाग के अधिकारी के अनुसार आसनसोल शहर में ही प्रतिदिन 400 टन जमा होता है, जिसे वाहनों में उठाकर कालीपहाड़ी डंपिंग यार्ड में फेंका जाता है. कुल्टी, रानीगंज और जामुड़िया क्षेत्र का हिसाब अलग-अलग है. इन जगह को मिलाकर करीब 500 टन कचड़ा प्रतिदिन जमा होता है. यह सारा कचड़ा डंपिंग यार्ड के बजाय शहर में ही जमा हो रहा था, इससे सहज ही अंदाजा लग जायेगा कि स्थिति क्या रही है?

सफाई कर्मचारियों की मांगों के महत्वपूर्ण बिंदु

सभी सफाई कर्मचारियों को डेली वेजेज से निकालकर कैजुअल लेबर का दर्जा देना

पीएफ के बकाया पैसा का भुगतान करना

सभी कर्मचारियों को परमानेंट आइकार्ड देना

वेतन में बढ़ोतरी करना (15 हजार रुपये की मांग)

सभी को ड्रेस और रेनकोर्ट देना

बैठक में मांगों पर जो हुआ फैसला

कैजुअल श्रमिक का दर्जा देने को लेकर प्रस्ताव तैयार कर राज्य मुख्यालय में भेजा जाएगा, जिसकी प्रति आवंटित करा दी जायेगी कुछ कर्मचारियों का पीएफ का पैसा कागजता अपडेट नहीं होने के कारण जमा नहीं हुआ, जल्द जमा करके रसीद दे दी जाएगी

20 दिनों के अंदर सभी कर्मचारियों का परमानेंट आइकार्ड दे दिया जायेगा, अपना आधार कार्ड की प्रति के साथ दो पासपोर्ट फोटो जमा करा दें कितना वेतन बढ़ाया जा सकेगा? किस फंड से पैसा मिलेगा? इसपर निर्णय के लिए दो माह का समय लिया गया

ड्रेस और रेनकोर्ट जल्द आवंटित कर दिया जायेगा.

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लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR

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