जिले में माध्यमिक परीक्षा का पहला दिन शांतिपूर्ण व व्यवस्थित रहा. इस वर्ष बांकुड़ा जिले से कुल 48,998 परीक्षार्थी माध्यमिक परीक्षा में बैठ रहे हैं. सभी परीक्षा-केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए ट्रैफिक कंट्रोल भी लागू किया गया है. जिला पुलिस की स्पेशल महिला पुलिस फोर्स और विनर्स टीम उन केंद्रों पर विशेष निगरानी रख रही है, जहां महिला परीक्षार्थी हैं. इस बीच, जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी सामने आई है. बांकुड़ा जिले में पहली बार खानाबदोश जनजाति का कोई विद्यार्थी माध्यमिक परीक्षा में शामिल हुआ है. तालडांगरा थाना क्षेत्र के हारमसरा ग्राम पंचायत अंतर्गत जेमुआ गांव निवासी सौरभ ब्याध ने माध्यमिक परीक्षा दी. सौरभ ने हारमसरा हाइ स्कूल से पढ़ाई की है.बताया जाता है कि वर्षों पहले खानाबदोश जनजाति के सात परिवार हारमसरा इलाके में खाली क्वार्टरों में रहने लगे थे और भीख मांगकर जीवन यापन करते थे, जिस कारण उनके बच्चों को शिक्षा का अवसर नहीं मिल पाया. बाद में वाम सरकार ने उन्हें हारमसरा फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के पास जेमुआ में बसने की जगह दी. वर्तमान में पंचायत की ओर से सरकारी परियोजना के तहत वहां घर बनाए गए हैं. सौरभ के पिता दीपक ब्याध और मां पिंकू ब्याध आज भी भीख मांगकर गुजारा करते हैं. हारमसरा हाइ स्कूल के प्रधानाध्यापक मधुसूदन मुखर्जी ने बताया कि सौरभ शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है. परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसे दसवीं तक स्कूल में मिड-डे मील की सुविधा दी गई. विद्यालय को उम्मीद है कि वह अच्छे परिणाम के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करेगा. पहले दिन बांग्ला विषय की परीक्षा पर विद्यार्थियों ने संतोष जताया. विद्यार्थियों का कहना है कि प्रश्न आसान व सिलेबस के अंदर से थे, जिससे डर दूर हो गया. वहीं बांकुड़ा उत्तर वन प्रमंडल के जिला वन अधिकारी ने बताया कि हाथी संभावित जंगल क्षेत्रों से सटे इलाकों के परीक्षार्थियों की सुरक्षा के लिए वन विभाग और जिला पुलिस सतर्क है. कई परीक्षार्थियों के लिए वाहन की व्यवस्था भी की गयी, जिससे वे निश्चिंत होकर परीक्षा दे सके.
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