आरोपी को आठ दिनों की हवालात मउ राय ने तीन जनवरी को रिया के खिलाफ की थी चोरी की शिकायत, जिसके बाद से ही बदला लेने की थी तैयारी
रांची से बस पकड़ समीर आया आसनसोल, ऑटो से गया लालगंज और वारदात को दिया अंजामआसनसोल. मउ राय (52) हत्याकांड में पुलिस ने मृतका की छोटी बहू रिया राय (22) और उसका खास दोस्त डाल्टनगंज (झारखंड) इलाके का निवासी समीर आलम (22) को गिरफ्तार किया. शुक्रवार दोनों आरोपियों को आसनसोल अदालत में पेश किया गया, घटना के जांच अधिकारी अवर निरीक्षक परीक्षित सिंह ने दोनों आरोपियों के 10 दिनों की पुलिस रिमांड की अपील की, अदालत ने आठ दिनों का रिमांड मंजूर किया. मामले को लेकर शुक्रवार को पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) ध्रुव दास ने बताया कि आरोपी समीर आलम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और मृतका की छोटी बहू रिया राय की भी लिप्तता पाये जाने पर उसे भी दबोच लिया गया है. रिमांड अवधि में इनसे सारे सवालों के जवाब पाने और हत्या के सबूतों को निकालने का प्रयास किया जायेगा.
क्या है पूरा मामला
आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र के लालगंज इलाके में स्थित एसबीआइ शाखा के निकट मउ राय का दो मंजिला मकान है. नीचे मंजिल पर मउ रॉय और ऊपर की मंजिल पर उनका छोटा बेटा अपनी पत्नी और तीन साल की बेटी के साथ रहता था. पति की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर बड़े बेटे को इसीएल में नौकरी मिली और छोटा बेटा रैपिडो चलाता है. 16 जनवरी 2026 को मौ अपने घर में अकेली थी. 17 जनवरी सुबह 10:00 बजे उनका बड़ा बेटा सोमनाथ राय, जो मां के घर से पांच मिनट की पैदल दूरी पर इसीएल के आवास में रहता है, वह सुबह 10 बजे आया और देखा कि उसकी मां बेहोशी की हालत में पड़ी हुई है. उसने तुरंत मां को आसनसोल के निजी अस्पताल में ले गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित किया. शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया. पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पर आने के बाद मृतका के भाई पुलक कुमार सिंह ने देखा कि उनकी दीदी के गले और कलाई में चोट के निशान है तथा गले से सोने का चेन और हाथों से सोने की चूड़ियां गायब है. इसके बाद श्री सिंह ने आसनसोल नॉर्थ थाने में हत्या की शिकायत की, जिस पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गयी.
आरोपी तक ऐसी पहुंची पुलिस
तीन जनवरी 2026 को मउ राय ने अपने सोने के गहने की चोरी के मामले में छोटी बहू रिया राय को नामजद आरोपी बनाकर आसनसोल नॉर्थ थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस ने यहां से हत्या की गुत्थी सुलझाने का प्रयास शुरू किया. पुलिस को रिया के खास दोस्त समीर आलम की जानकारी मिली. समीर डाल्टनगंज में अपने पिता के गैरेज में काम करता है. उसके यहां आना-जाना था. घटना के बाद से वह अपना मोबाइल नंबर बदल रहा था. जिसकी भनक पुलिस को लगते ही शक पुख्ता हो गया. पुलिस ने मृतका के दोनों बेटों से लगातार पूछताछ शुरू की, रिया को नहीं बुलाया. समीर रिया के संपर्क में रहा, उसके बाद पुलिस ने समीर की तलाश शुरू कर दी. समीर आसनसोल में ही था, तकनीकी मदद से पुलिस ने गुरुवार रात को उसे आसनसोल भगत सिंह मोड़ के पास पकड़ लिया. प्रेमिका पर चोरी का इल्जाम लगा बदनाम करने के गुस्से में की वारदात
रिया राय पर चोरी का इल्जाम लगने के बाद उसके मायकेवालों ने लालगंज में आकर मउ राय के साथ काफी झमेला किया था, धमकी भी दी थी. उसके बाद बेटी और दामाद को अपने साथ लेकर चले गये. मउ राय घर में अकेली रह गयी. ऐसे में समीर को अपनी प्रेमिका को बदनाम करने का बदला लेने का आसान मौका मिल गया और आकर घटना को अंजाम दिया. प्राथमिक जांच में जो जानकारी सामने आयी है, उसके अनुसार समीर 16 जनवरी को रांची से आसनसोल बस में करके आया. यहां वह रात 9:30 बजे उतरा और ऑटो लेकर रात 10:00 बजे लालगंज आया. यहां पास में सुनसान जगह पर उसने इंतजार किया और देर रात 2:00 बजे मउ राय के घर में बाथरूम के रास्ते से घुसा. बाथरूम में जो खिड़की है, उसमें ग्रिल नहीं है, इसका पता उसे पहले से था, इसी रास्ते वह घर में घुसा और सो रही मउ राय पर हमला कर दिया. प्राथमिक जांच के अनुसार गला घोंट कर हत्या की गयी थी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होगी. जिसका इंतजार पुलिस को है. हत्या करने के बाद समीर भोर 5:00 बजे घर के पीछे के दरवाजे से निकल गया. मउ राय के गहने भी वह साथ ले गया. पुलिस सारे सबूतों की कड़ी को जोड़ रही है. मामले में कस्टडी ट्रायल की तैयारी पुलिस कर रही है और उसे उम्मीद है कि मामले में दोषी साबित होने पर सजा होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
