आसनसोल मंडल के विभिन्न स्टेशनों व ट्रेनों से आरपीएफ ने 396 बच्चों को बचाया
उपलब्धि. ‘नन्हे फरिश्ते’ ऑपरेशन के तहत बाल संरक्षण में आसनसोल रेल मंडल ने हासिल की बड़ी कामयाबी
बचाये गये बच्चों में 103 लड़कियां आसनसोल. पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल में वर्ष 2025 के दौरान ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत बाल संरक्षण और कल्याण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. रेलवे सुरक्षा बल के लगातार प्रयासों से आसनसोल मंडल के रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों से कुल 396 बच्चों को सफलतापूर्वक बचाया गया. बचाये गये बच्चों में 293 लड़के और 103 लड़कियां शामिल थीं, जिन्हें तुरंत सहायता प्रदान की गयी. रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह उपलब्धि एक सुरक्षित और रेलवे के मानवीय माहौल सुनिश्चित करने के प्रति आसनसोल मंडल की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है. ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते भारतीय रेलवे में आरपीएफ की एक प्रमुख मानवीय पहल है. जिसका उद्देश्य उन बच्चों की पहचान करना, उन्हें बचाना और उनकी सुरक्षा करना है, जो रेलवे परिसर में खोए हुए, भागे हुए, छोड़े हुए या किसी अन्य जोखिम में पाये जाते हैं. वर्ष 2025 के दौरान आसनसोल मंडल के आरपीएफ कर्मी सतर्क व सक्रिय रहे तथा बचाए गये बच्चों को सुरक्षित सौंपने, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समितियों, एनजीओ व सिविल प्राधिकारियों के साथ समय पर हस्तक्षेप और समन्वय सुनिश्चित किया. ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते समाज के सबसे कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए समर्पित एक सहानुभूति से भरा मिशन का प्रतिनिधित्व करता है. इस ऑपरेशन के तहत आसनसोल मंडल का सराहनीय प्रदर्शन भारतीय रेलवे की छवि को एक सामाजिक रूप से जिम्मेदार संगठन के रूप में और मजबूत करता है जो न केवल परिवहन बल्कि मानव कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है
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