पश्चिम बंगाल : डाउन चंबल एक्सप्रेस ट्रेन से तस्करी को जा रहा 98 कछुआ बरामद,आरपीएफ ने वन विभाग को किया सुपुर्द

कछुओं को अवलोकन के लिए रमना बागान उद्यान में रख कुछ दिन देखेंगे.इसके बाद इन सभी कछुओं को अलग-अलग जलाशयों और नदी में छोड़ दिया जाएगा. गौरतलब है कि आरपीएफ की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है ताकि ट्रेनों में हो रही तस्करी को रोका जा सकें.

बर्दवान/पानागढ़, मुकेश तिवारी : पश्चिम बंगाल के बर्दवान रेलवे स्टेशन पर रुकी डाउन चंबल एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल बोगी में तलाशी के बाद बर्दवान आरपीएफ (Burdwan RPF) ने तीन बैग ने भर्ती करीब 98 जिंदा कछुआ बरामद किया है. इतनी संख्या में कछुओं की बरामदगी से आरपीएफ भी हतप्रभ है. बताया जाता है की इस घटना में किसी भी तस्कर की कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है. बर्दवान आरपीएफ ने सभी कछुओं को बर्दवान रमना बागान वन विभाग को सुपुर्द कर दिया.

आरपीएफ सूत्रों के अनुसार बुधवार प्रातः जब डाउन चंबल एक्सप्रेस ट्रेन बर्दवान रेलवे स्टेशन पर मौजूद प्लेटफार्म पर पहुंची तो आर पी एफ के जवान जनरल बोगी में तलास शुरू किए. उक्त बोगी के सीट के नीचे दो पिट्टू बैग और एक नायलून के बैंग को देख संदेह हुआ. जांच करने पर किसी भी यात्री ने उक्त बैग को अपना नही बताया. इसके बाद जब बैग को खोला गया तो उन सभी में जिंदा कछुआ मौजूद था.

Also Read: WB : अनुपम हाजरा ने पद गंवाने के 3 घंटे के अंदर सोशल मीडिया पर भाजपा को लेकर कह दी बड़ी बात…

इसके बाद आरपीएफ ने सभी बैग को जब्त कर ट्रेन से उतार लिया. कागजी कार्यवाही के बाद सभी कछुओं को वन विभाग को सुपुर्द कर दिया है. वन विभाग के अधिकारी ने बताया की आरपीएफ द्वारा ट्रेन से बरामद तस्करी के लिए ले जा रहे 98 कछुओं को उद्धार किया है. हम उक्त कछुओं को अवलोकन के लिए रमना बागान उद्यान में रख कुछ दिन देखेंगे.इसके बाद इन सभी कछुओं को अलग-अलग जलाशयों और नदी में छोड़ दिया जाएगा. गौरतलब है कि आरपीएफ की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है ताकि ट्रेनों में हो रही तस्करी को रोका जा सकें.

Also Read: Good News : आसनसोल रेल मंडल की अनूठी पहल ,ट्रेन की बेसिन और शौचालय में अब नहीं खत्म होगा पानी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >