दुर्गापुर में तैलिक साहू समाज की बैठक में लिये गये तीन बड़े फैसले
दुर्गापुर तैलिक साहू समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें निर्वाचित कार्यकारिणी के सदस्यों सहित समाज के लगभग 300 आजीवन सदस्यों ने हिस्सा लिया.
दुर्गापुर.
दुर्गापुर तैलिक साहू समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें निर्वाचित कार्यकारिणी के सदस्यों सहित समाज के लगभग 300 आजीवन सदस्यों ने हिस्सा लिया. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज की आंतरिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना और भविष्य की कार्ययोजना तय करना था. चर्चा के उपरांत सर्वसम्मति से तीन प्रमुख संगठनात्मक निर्णय लिये गये. बैठक में लिये गये पहले निर्णय के तहत रूपचंद प्रसाद को संरक्षक पद से मुक्त करते हुए समाज से पृथक कर दिया गया. दूसरे बड़े फैसले में दुर्गापुर तैलिक साहू समाज ने ‘पश्चिम बंगाल तैलिक महासभा, कोलकाता’ से अपनी संबद्धता समाप्त करने और स्वयं को स्वतंत्र रूप से संचालित करने की घोषणा की. वहीं, तीसरे निर्णय के माध्यम से समाज के पूर्व सचिव संतोष कुमार साह को मुख्य प्रवक्ता एवं सलाहकार के पद पर नियुक्त किया गया है. बैठक के दौरान सदस्यों ने आरोप लगाया कि कोलकाता स्थित महासभा के नेतृत्व द्वारा स्थानीय संगठन के कामकाज में अनुचित हस्तक्षेप का प्रयास किया जा रहा था. इस विवाद के संदर्भ में प्रशासनिक स्तर पर भी जानकारी साझा की गयी है. बताया गया कि अनुमंडल अधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर दुर्गापुर थाने में एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है और वर्तमान में मामला प्रशासन की निगरानी में है. इसके अतिरिक्त, समाज ने 18 जनवरी को नेताजी भवन में प्रस्तावित एक अन्य सभा को असंवैधानिक बताते हुए अपने सदस्यों से उसका बहिष्कार करने की अपील की है. बैठक में पूर्व पदाधिकारियों, सीताराम साह और तेरस प्रसाद साह से समाज भवन व बैंक से जुड़े मूल दस्तावेज वर्तमान कार्यकारिणी को सौंपने का अनुरोध किया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
