रक्तदान की पवित्रता पर हमला : नाबालिगों से रक्तदान कराने और व्यापार के खिलाफ दुर्गापुर में जन आक्रोश

दुर्गापुर में नाबालिगों से रक्तदान कराने और रक्तदान से मिले खून के व्यावसायिक इस्तेमाल से दुर्गापुर में लोगों में आक्रोश है. इसके विरोध में रैली निकालकर दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गयी. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

पश्चिम बंगाल में नाबालिग छात्रों से रक्त दान करने की घटना और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रक्त और रक्त के हिस्सों का व्यवसायिक इस्तेमाल करने के दौर के विरोध में रविवार को शहर में शपथ और शांतिपूर्ण विरोध रैली निकाला गया. यह कार्यक्रम दुर्गापुर सब-डिस्ट्रिक्ट वॉलंटरी ब्लड डोनर्स फोरम ने वेस्ट बंगाल वॉलंटरी ब्लड डोनर्स सोसाइटी के साथ मिलकर आयोजित किया था. इसकी शुरुआत एमएएमसी इलाके के विवेकानंद की मूर्ति के नीचे से एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च के साथ हुई. बाद में रोटरी क्लब ऑफ़ दुर्गापुर के सभा कक्षा में रक्त दान करने वालों की एक रैली और रक्त के व्यापार को रोकने के लिए शपथ कार्यक्रम हुआ. रैली मे वक्ताओं ने कहा कि 18 साल से कम उम्र के नाबालिगों से रक्त दान करवाना या उन्हें रक्त दान करने के लिए बढ़ावा देना बहुत चिंता की बात है. अगर नाबालिग पैसे के लालच, किसी तरह के दबाव या किसी और फायदे के लिए रक्त दान में शामिल होते हैं, तो यह रक्त दान की सुरक्षा, नैतिकता और लोगों की सेहत के लिए एक गंभीर खतरा है. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रक्त और रखता के हिस्सों को कमोडिटी समझने का जो चलन है, वह रक्तदान के बुनियादी आदर्श – अपनी मर्ज़ी से, मुफ़्त और इंसानी रक्तदान के खिलाफ है. खून कोई कमोडिटी नहीं है; यह एक ऐसा हिस्सा है जो इंसान की जान बचाता है. रैली में कम रक्तदान के आरोपों की बिना किसी भेदभाव के और पूरी जांच, इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ मौजूदा कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई और रखता इकट्ठा करने और दान करने के सभी नियमों का ठीक से पालन करने की मांग की गई.

रैली में शामिल लोगों की मुख्य मांगें

  • रक्तदान के आरोपों की पूरी और बिना किसी भेदभाव के जांच होनी चाहिए.
  • इस घटना में शामिल लोगों या संस्थाओं के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
  • हर रक्तदान में खून देने वाले की उम्र, पहचान और क्वालिफिकेशन की ठीक से जांच होनी चाहिए.
  • रक्तदान में किसी भी तरह का पैसे का लालच, दबाव या गलत काम बंद होना चाहिए.
  • रक्त और रक्त के हिस्सों को व्यवसायिक उत्पाद के तौर पर इस्तेमाल करने के चलन को रोका जाना चाहिए.
  • अपनी मर्जी से, सुरक्षित, मुफ्त और सही तरीके से रक्तदान करने के सिस्टम को और मज़बूत किया जाना चाहिए.
  • स्कूलों और शैक्षणिक संस्थान में बच्चों के रक्तदान के बारे में सही जागरूकता फैलाई जानी चाहिए. रैली का उद्घाटन वेस्ट बंगाल वॉलंटरी ब्लड डोनर्स सोसाइटी के महासचिव कबी घोष ने किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. उदयन चौधरी और वकील अयूब अंसारी ने की. राजेश पालित, सुलता दा, अयूब अंसारी और दूसरी जानी-मानी हस्तियां, रक्तदाता स्वयसेवक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे. संगठन की ओर से बताया गया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ नहीं है.यह आंदोलन रक्त देने की पारदर्शिता, सुरक्षा, इंसानियत और अपनी मर्ज़ी से रक्त देने के बड़े हित में जारी रहेगा.


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By Niraj kumar srivastava

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