शिवपुर प्राइमरी स्कूल में दरकी दीवार से आ रहा बारिश का पानी

भवन की विभिन्न कक्षाओं की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरार आ गयी है, जिससे बरसात का पानी क्लास-रूम में प्रवेश कर जा रहा है.

बारिश बन गयी है छात्र-छात्राओं के लिए आफत

मुकेश तिवारी, पानागढ़

पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा ब्लॉक अंचल के विदबिहार ग्राम पंचायत के अधीन विदबिहार के शिवपुर प्राथमिक विद्यालय भवन की जर्जर अवस्था के कारण बरसात में छात्र-छात्राओं की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. भवन की विभिन्न कक्षाओं की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरार आ गयी है, जिससे बरसात का पानी क्लास-रूम में प्रवेश कर जा रहा है. इसके चलते छात्र-छात्राओं को पढ़ने में भारी दिक्कतें हो रही हैं. स्कूल की चारदीवारी भी हिल गयी है. जगह-जगह टूट-फूट के कारण स्थिति चिंताजनक है. यही हाल स्कूल भवन का भी है. शौचालय की दश भी शोचनीय है. बरसात के कारण जहरीले सांप, बिच्छू व अन्य कीड़े-मकोड़े क्लास रूम में घुस आ रहे हैं. इसके कारण छात्र-छात्राओं का जीवन भी खतरे में है. स

्थानीय छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का आरोप है कि ऐसी दुरवस्था शायद ही क्षेत्र के किसी विद्यालय की होगी. जिस तरह की स्थिति में और स्कूल भवन में जान जोखिम में डाल कर हमारे बच्चे इस विद्यालय में पढ़ने जाते हैं. विद्यालय के शिक्षकों का भी यही अभियोग है कि प्रशासन और पंचायत इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है. विद्यालय के प्रधान शिक्षक राम दास सोरेन का कहना है कि विद्यालय की जर्जर अवस्था को लेकर कई बार शिक्षा विभाग और उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया लेकिन इस दिशा में अबतक कोई कदम नहीं उठाया गया. मालूम हो कि कक्षा एक से कक्षा चार तक उस विद्यालय में पढ़ाई होती है. विद्यालय में वर्तमान में कुल एक सौ के करीब छात्र छात्राएं पढ़ने है. ज्यादातर विद्यार्थी जंगलमहल के आदिवासी समुदाय के है. स्थानीय अभिभावकों का आरोप है कि हम लोग आदिवासी समुदाय के है इसलिए हमारे इस विद्यालय में विशेष कोई ध्यान नहीं देता है.

विद्यालय के द्वितीय तल भवन की अवस्था सबसे ज्यादा खराब और जर्जर है.मिट्टी से बनी एक जर्जर कच्चा घर में मिड डे मिल बनता है. चार दिवारी जो कि हिल गई है उसी के पास बच्चे खेलते है. यह खतरे से कम नहीं है. यहां सब समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.मिड डे मिल बनाने वाली रसोईया का कहना है कि आतंक के सायं में ही बच्चों के लिए इस कच्चे जर्जर भवन में मिड डे मिल बनाना पड़ता है.जहरीले सांप, चूहा, छिपकली, मेढक अन्य विषाक्त कीट पतंगों के मध्य ही खाना बनाना पड़ता है.दुर्गापुर पश्चिम के भाजपा विद्यालय का विद्यालय की स्थिति पर कहना है कि बच्चे सरकारी विद्यालय में न पढ़े इसके लिए ही स्कूल भवन की ओर मौजूदा सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है.राज्य सरकार पूरी शिक्षा व्यवस्था को ही ध्वस्त कर दी है. यह सरकार जीतने दिन राज्य में रहेगी शिक्षा व्यवस्था पंगु बना रहेगा. मामले को लेकर कांकसा पंचायत समिति सभापति भवानी प्रसाद भट्टाचार्य का कहना है कि कौन क्या बोल रहा है हम लोग उस पर नहीं जाते है. विद्यालय के बारे में पता चला है जल्द ही इस दिशा में उपयुक्त कदम उठाया जाएगा.

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By GANESH MAHTO

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