नाबालिग को छेड़ने का आरोप लगते ही सीआइएसएफ का हेड कांस्टेबल बर्खास्त

10 वर्षीय एक बच्ची को आम देने के बहाने घर पर बुला कर उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर कथित तौर पर हाथ फेरने के आरोप के बाद सीआइएसएफ के हेड कांस्टेबल को नौकरी से डिसमिस यानी बर्खास्त कर दिया गया.

आसनसोल/कुल्टी.

10 वर्षीय एक बच्ची को आम देने के बहाने घर पर बुला कर उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर कथित तौर पर हाथ फेरने के आरोप के बाद सीआइएसएफ के हेड कांस्टेबल को नौकरी से डिसमिस यानी बर्खास्त कर दिया गया. कुल्टी थाना में पीड़िता के पिता व शीतलपुर लालबाजार इलाके के निवासी की शिकायत पर आरोपी हेड कांस्टेबल के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2)/351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8/10 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई. आरोपी को गिरफ्तार कर सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां उसकी जमानत खारिज हो गयी और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

क्या है पूरा मामला

पीड़िता के पिता ने अपनी शिकायत में कहा कि रविवार अपराह्न 3:00 बजे उनकी बेटी अपनी सहेलियों के साथ शीतलपुर में आम चुन रही थी. सीआइएसएफ का जवान रमाकांत विश्वकर्मा उनकी बेटी को आम देने के बहाने फुसला कर अपने घर में ले गया, जहां कथित तौर पर बुरी नीयत से उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों को छुआ. लड़की रोते हुए आयी और डरते हुए पूरी घटना की जानकारी अपनी दादी को दी.

स्थानीय लोगों के साथ वे रामाकांत के क्वार्टर पर पहुंचे, तो वह फरार हो गया था. इस घटना के बाद सोमवार सुबह उसे नौकरी से डिसमिस कर दिया गया. सीआइएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फोर्स में अनुशासन ही सबकुछ है. इसप्रकार की किसी घटना से फोर्स की छबि धूमिल होती है और इसमें कोई समझौता नहीं हो सकता है. सूचना मिलते ही नौकरी से डिसमिस किया गया.

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By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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