विश्व भारती में आंदोलनरत छात्रों के धरना मंच को रात के अंधेरे में निजी सुरक्षा गार्डों ने तोड़ा

पश्चिम बंगाल में विश्व भारती शांतिनिकेतन के कुलपति आवास के समक्ष कुलपति के पद त्याग तथा अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया. विश्व भारती विश्वविद्यालय में 22 दिनों से अशांति जारी है. छात्रों का आरोप है कि कुलपति पिछले पांच साल से तानाशाही व्यवस्था चला रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में विश्व भारती शांतिनिकेतन के कुलपति आवास के समक्ष कुलपति के पद त्याग तथा अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों के धरना मंच को रात के अंधेरे में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा तोड़ दिए जाने का आरोप छात्रों ने लगाया है . बुधवार सुबह पूरी तरह से धराशाई अवस्था में धरना मंच देख छात्र-छात्राओं में आक्रोश व्याप्त हो गया. रात में ही जब सुरक्षाकर्मी मंच तोड़ने आए तो उनसे मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ हाथा-पाई भी हुई. मंच गिराए जाने के बावजूद छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे. वे एक ही जगह बैठे हैं.

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विश्व भारती में 22 दिनों से अशांति जारी

विश्व भारती विश्वविद्यालय में 22 दिनों से अशांति जारी है. छात्रों का आरोप है कि कुलपति पिछले पांच साल से तानाशाही व्यवस्था चला रहे हैं. किसी कर्मचारी का वेतन काट लेना, निलंबित करना, फटकारना, तबादला करना, वेतन रोकना आम बात हो गई है. छात्रों को भी नहीं छोड़ा गया है. कई छात्र -छात्राओं को कुलपति के गुस्से का भी शिकार होना पड़ा है. हॉस्टल से निकाल दिया गया है तो कुछ को सस्पेंड कर कैंपस से बाहर कर दिया गया है. छात्र इस्तीफे की मांग को लेकर कुलपति कार्यालय के सामने पहुंचे थे. कुलपति के आदेश पर सुरक्षा गार्ड व्यावहारिक रूप से छात्रों पर हमला भी किया है. कुलपति पर सुरक्षा गार्डों द्वारा छात्रों पर ‘गोलीबारी’ करने का भी आरोप लगाया गया था. इसके बाद छात्रों और सुरक्षा गार्डों के बीच हाथा-पाई हुई थी.

छात्र कुलपति के आवास के सामने लगातार धरना दे रहे

उस घटना के बाद से छात्र कुलपति के आवास के सामने धरना दे रहे थे. इसी के चलते कुलपति विद्युत चक्रवर्ती को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया था. कल यानी मंगलवार को जब कुलपति घर से निकल रहे थे तो छात्रों ने उन्हें रोक लिया, इस दौरान सुरक्षा गार्डों के साथ आंदोलन रत छात्र-छात्राओं के बीच हाथापाई हुई थी. उस घटना के बाद, सुरक्षा गार्ड कथित तौर पर रात 3 बजे के करीब धरने के मंच पर पहुंचे. पहले लाइट तोड़ी. फिर अंधेरे में धरना मंच को तोड़ दिया गया. कुर्सी-टेबल हटा दी गई . इस बीच प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा गार्डों से झड़प हो गई. प्रदर्शनकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि धरना मंच को तोड़ देने से भी कोई लाभ नहीं होगा. छात्र- छात्राओं ने कहा कि हमारा आंदोलन जारी रहेगा.

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रिपोर्ट : मुकेश तिवारी पानागढ़

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By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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