मोबाइल फोन गुम होते ही दो दिनों के अंदर बैंक से निकल गये 3.60 लाख रुपये

अंडाल थाना क्षेत्र के सुकांतपल्ली इलाके के निवासी अरवेंद्र कुमार का मोबाइल फोन 10 अक्तूबर को गुम होते ही दो दिनों में उनके तीन बैंक खातों से 3,60,005 रुपये निकल गये. मोबाइल फोन गुम होने की शिकायत उन्होंने स्थानीय थाने में दर्ज भी करायी थी.

आसनसोल/अंडाल.

अंडाल थाना क्षेत्र के सुकांतपल्ली इलाके के निवासी अरवेंद्र कुमार का मोबाइल फोन 10 अक्तूबर को गुम होते ही दो दिनों में उनके तीन बैंक खातों से 3,60,005 रुपये निकल गये. मोबाइल फोन गुम होने की शिकायत उन्होंने स्थानीय थाने में दर्ज भी करायी थी. इसके बावजूद उनके खाते से पैसा निकल गया. जिसकी शिकायत उन्होंने अंडाल थाने में की. उनकी शिकायत के आधार पर कांड संख्या 409/24 में बीएनएस की धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/61(2) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है.

श्री कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि 10 अक्तूबर को स्थानीय साउथ बाजार सब्जी मार्केट में गये थे. जहां उनका मोबाइल फोन गुम हो गया. जिसकी शिकायत उन्होंने अंडाल थाना में की. उनकी शिकायत पर जीडीइ नंबर 1041 दर्ज हुआ. जिसके बाद उनके तीन बैंक खातों से 3.60 लाख रुपये निकल गये. जिसमें 10 से 12 अक्तूबर के बीच एसबीआइ के एक खाते से यूपीआइ के नौ ट्रांजक्शन और छह सीबीडीएल ट्रांजक्शन से कुल 1,49,541 रुपये निकले, पीएनबी के एक अकाउंट से 10 और 12 अक्तूबर के बीच कुल छह यूपीआइ ट्रांजक्शन में 1,90,319 रुपये और एसबीआइ के एक अन्य खाते से 10 अक्तूबर को कुल छह यूपीआइ ट्रांजक्शन में 20,146 रुपये निकाले गये. उनके सारे बैंक के डिटेल्स, आधार कार्ड और भी अन्य जरूरी कागजात सारा कुछ फोन में ही था.

चलती-फिरती तिजोरी को लूटने के लिए गैंग है तैयार, हर जगह दे रहे कांड को अंजाम

वर्तमान समय में मोबाइल फोन चलती-फिरती तिजोरी है. स्मार्ट फोन रखने वाले अधिकांश लोग पैसे का लेनदेन अपने मोबाइल फोन से ही करते हैं और बैंक का सारा कुछ मोबाइल से जुड़ा होता है. इसके अलावा भी कई जरूरी कागजात फोन में रहते हैं. साइबर अपराधी इसी चलती-फिरती तिजोरी को अपना निशाना बना रहे हैं. मोबाइल चोर साइबर अपराधियों के लिए फोन चोरी करने में अपनी सारी ताकत लगा दे रहे हैं. उन्हें सिमकार्ड के साथ चोरी के फोन का नये फोन से भी ज्यादा कीमत मिल रहा है. फोन का उपयोग पूरा हो जाने पर साइबर अपराधी इन फोन को चोर बाजार में औने-पौने दामों में बेच दे रहे हैं. सिमकार्ड जबतक ब्लॉक नहीं होता है, तब तक उसका जमकर उपयोग करते हैं. बाद में उसे फेंक देते हैं. कुल्टी थाना क्षेत्र के चिनकुड़ी इलाके में पिछले एक सप्ताह में फोन चोर गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी हुई और इनके पास से 52 मोबाइल फोन मिले हैं.

हजारों की संख्या में चोरी के फोन पुलिस कर रही बरामद, लौटा रही लोगों को

हाल के दिनों में लगभग सभी थाने में या पुलिस के बड़े अधिकारी अपने कार्यालय में मीडिया के सामने चोरी या गुम हुए मोबाइल फोनों को लाकर उन फोन को असली मालिक को लौटाते हैं. इससे यह बात साफ है कि फोन की चोरी या गुमशुदगी में भारी इजाफा हुआ है. फोन चोरी, छिनताई, पॉकेटमारी या गुम होते ही यह साइबर अपराधियों के पास किसी न किसी तरह पहुंच रहा है. जितना जल्दी यह साइबर अपराधी तक पहुंचेगा उसकी कीमत उतनी ज्यादा होगी. यह कीमत ज्यादा क्यों होगी? यह अरवेंद्र कुमार की शिकायत से साफ हो गया है. यह अकेले श्री कुमार के साथ नहीं, फोन खोनेवाले लगभग अधिकांश लोगों के साथ ही यह होता है. जिसकी शिकायत दर्ज होती है.

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