रानीगंज.
रमजान के पवित्र महीने में रानीगंज के बांसड़ा मोड़ इलाके के कब्रिस्तान पर कब्जे को लेकर विवाद पैदा हो गया है. गुरुवार को स्थानीय लोगों ने कुछ व्यवसायियों पर कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने, उसे पार्किंग क्षेत्र में बदलने और बगल के क्षेत्र में वाहनों के वजन के लिए कांटा स्थापित करने का आरोप लगाया. यह भी इल्जाम लगाया कि एक ढाबा मालिक व एक वजन कांटा के मालिक की कब्रिस्तान की भूमि पर गिद्धदृष्टि है. उस पर कब्जा करने में दोनों लोग लगे हैं. ऐसा वहां अपना कारोबार चमकाने के इरादे से किया जा रहा है. गुरुवार को कई स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान के पास इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया. दावा किया कि लंबे समय से इस्तेमाल किये जा रहे कब्रिस्तान क्षेत्र को शराबियों के अड्डे में बदल दिया गया है. प्रदर्शनकारियों ने कब्रगाह के पास शराब की खाली बोतलें और कचरा दिखाया और इल्जाम लगाया कि यह क्षेत्र जबरन घेर लिया गया है.स्थानीय लोगों ने मामले में स्थानीय प्रशासन और राज्य की मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करके उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है. यह भी सवाल उठाया कि जहां परिवार के मरहूम सदस्यों को मिट्टी दी जाती है, उसकी ऐसी बदहाली कैसे की जा जा सकती है.
दूसरी ओर, इस बाबत इलाके में व्यवसाय करने वाले किसी भी व्यक्ति से सीधे संपर्क नहीं हो सका. हालांकि, एक व्यक्ति ने फोन पर बात करने पर कहा कि वे कब्रिस्तान क्षेत्र में कोई काम नहीं कर रहे हैं, और उन्होंने अपने व्यवसाय के लिए विशेष रूप से जमीन खरीदी है. वहीं अमरासोता ग्राम पंचायत के प्रधान, संजय हेम्ब्रम ने कहा कि उन्हें खबर मिलते ही सामूहिक विकास विभाग और भूमि और भूमि राजस्व विभाग को मामले की सूचना दी गई है.उन्होंने सरकार से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है. स्थानीय लोगों ने मामले में राज्य सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की. साथ ही चेतावनी भी दी कि वे किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे. मामले में आगे क्या कार्रवाई की जायेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
