बाहरी श्रमिकों को धमकाने पर आक्रोश, पार्षद से माफी की मांग

बीते शनिवार को पार्षद द्वारा कथित तौर पर यूपी-बिहार के श्रमिकों को काम न करने देने की धमकी देने का मामला सामने आया है.

वीडियो में उठाया सवाल: क्या यूपी-बिहार के लोग विदेशी हैं?

आसनसोल. बर्नपुर स्थित सेल आईएसपी में बाहर से आए श्रमिकों को धमकाने के आरोप में तृणमूल पार्षद अशोक रूद्र के खिलाफ उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. बीते शनिवार को पार्षद द्वारा कथित तौर पर यूपी-बिहार के श्रमिकों को काम न करने देने की धमकी देने का मामला सामने आया है.

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय निवासी प्रदीप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि पार्षद ने संविधान की भावना का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि यूपी-बिहार के लोग कोई विदेशी नहीं हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर दूसरे राज्यों में बंगाल के प्रवासी श्रमिकों के साथ ऐसा बर्ताव हो तो क्या स्थिति बनेगी. उन्होंने पार्षद से माफी मांगने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा. प्रदीप सिंह ने तृणमूल सरकार पर भी सवाल उठाया कि राज्य में लाखों रोहिंग्या रह रहे हैं, फिर भी उन्हें आपत्ति नहीं होती, लेकिन हिंदी भाषी श्रमिकों पर आपत्ति जताई जा रही है. उन्होंने कहा कि वे स्वयं तीसरी पीढ़ी से आसनसोल में रह रहे हैं और इस तरह की राजनीति से सामाजिक सौहार्द को खतरा है.

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Published by: Ganesh mahto

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