पीडीआर एक्ट में पैसा वसूली को लेकर संपत्ति कुर्क व नीलामी की चल रही प्रक्रिया

घोटाला. सरकारी पैसा हड़पने के मामले में डीएम के निर्देश पर पार्किंग संचालकों के खिलाफ तैयार हो रही रिपोर्ट

आसनसोल. आसनसोल नगर निगम में पार्किंग के करोड़ों रुपये हड़पने के मामले को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच रिपोर्ट तैयार करने का कार्य तेजी से चल रहा है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पैसा हड़पने वाले पार्किंग संचालकों के खिलाफ पब्लिक डिमांड्स रिकवरी (पीडीआर) एक्ट 1913 के तहत कार्रवाई करने की प्रक्रिया चल रही है. जिसके तहत नोटिस दी जायेगी और इसमें संपत्ति कुर्क करके नीलामी करने का प्रावधान है. जिसे लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की लगातार बैठकें हो रही हैं. जल्द ही एक्शन शुरू होने की संभावना जतायी गयी है. जिलाधिकारी एस पोन्नमबलम ने कहा कि इस मामले को लेकर शिकायत मिलने के बाद जांच रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी. गौरतलब है कि आसनसोल नगर निगम के विभिन्न इलाकों में 25 पार्किंग जोन हैं, जिसे टेंडर के जरिये आवंटित किया जाता है. वर्ष 2018 से लेकर 2020 के बीच 14 पार्किंग संचालकों ने नगर निगम का करीब 2.40 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया. पार्किंग से जो पैसे की वसूली हुई वह सरकारी खाते में जमा करने की बजाय खुद हड़प ली गयी. इसे लेकर नगर निगम ने सभी 14 पार्किंग संचालकों 27 सितंबर 2024 को ब्लैकलिस्ट कर दिया. इस मुद्दे को लेकर आइएनटीटीयूसी से संबद्ध आसनसोल सबडिवीजनल मोटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के महासचिव व आइएनटीटीयूसी आसनसोल नॉर्थ ब्लॉक-एक के अध्यक्ष राजू अहलूवालिया ने आंदोलन शुरू किया. उनका आरोप है कि पार्किंग संचालकों के साथ नगर निगम के कुछ लोगों की मिली भगत से यह घोटाला हुआ. दिखावे के लिए सिर्फ ब्लैकलिस्ट किया गया, 15 माह बीत जाने के बाद भी पैसा वसूली को लेकर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई. ब्लैकलिस्टेड लोग ही दूसरा कंपनी बनाकर फिर से ठेका लेकर कार्य करते हैं. इस मुद्दे पर इसी साल एक दिसंबर को उन्होंने डीएम को ज्ञापन दिया और कार्रवाई की मांग की. उन्होंने डीएम को पैसा हड़पने वाले सभी पार्किंग संचालकों की पूरी सूची भी सौंपी.

नगर निगम ने पीडीआर एक्ट में कार्रवाई को लेकर डीएम को दिया पत्र

नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पार्किंग के करोड़ों रुपये हड़पने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया और पीडीआर एक्ट के तहत इनलोगों पर कानूनी कार्रवाई करने को लेकर जिलाधिकारी को सारे कागजात के साथ पत्र भेज दिया गया है. यह पूरा मामला वर्ष 2018 से 2020 के दौरान का है. वर्ष 2022 से पार्किंग फिर से नियमित हो गयी और 25 पार्किंग स्थलों से सालाना डेढ़ करोड़ रुपये नगर निगम को मिल रहे हैं.

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Published by: Ganesh mahto

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