बंगाल में तृणमूल और भाजपा को बनायें अप्रासंगिक : नौशाद सिद्दीकी

शहर के टैक्सी स्टैंड पर इंडियन सेक्युलर फ्रंट की पहली सभा में भांगड़ के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने केंद्र की भाजपा सरकार और पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर तीखा हमला बोला.

पुरुलिया.

शहर के टैक्सी स्टैंड पर इंडियन सेक्युलर फ्रंट की पहली सभा में भांगड़ के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने केंद्र की भाजपा सरकार और पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी भाजपा को जल्द अप्रासंगिक बनाने की अपील की. सभा के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने इडी मामलों, उत्तरबंग के विकास, आगामी विधानसभा चुनाव, संभावित गठबंधन और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों पर खुल कर बयान दिये. उन्होंने 21 जनवरी को पार्टी के प्रतिष्ठा दिवस पर कोलकाता के शहीद मीनार में सुबह 11:00 बजे से होनेवाली महासभा में जिले के लोगों से शामिल होने की अपील की.

इडी केस और राज्य की राजनीति

नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि इडी के मामलों को लेकर राज्य के विधायकों की ओर से आइवॉश किया जा रहा है और बंगाल की जनता के साथ नाटक चल रहा है. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस को जितनी जल्द राज्य में अप्रासंगिक बनाया जायेगा, उतना ही बेहतर होगा.

उत्तरबंग और विकास का मुद्दा

उत्तरबंग पर केंद्र के फोकस को लेकर उन्होंने कहा कि ट्रेनों का मिलना स्वाभाविक है, लेकिन चाय मजदूरों पर भी ध्यान देना जरूरी है. उत्तरबंग के लोगों को उनका हक नहीं मिल रहा है और राज्य सरकार उन्हें वंचित कर रही है. केवल ट्रेनों से इलाके का समग्र विकास संभव नहीं है.

गठबंधन और चुनावी तैयारी

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सिद्दीकी ने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा और तृणमूल से अलग गठबंधन की तैयारी कर रही है. दोनों दलों के बाहर की सभी ताकतों को एकजुट करने की कोशिश जारी है. हुमायूं कबीर के साथ लिया गया पुराना फैसला अटल है. कांग्रेस के साथ बातचीत चल रही है और कई नेताओं से चर्चा हो चुकी है.

वोटर लिस्ट और जंगलमहल

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के वोटर लिस्ट से नाम कटने के बयान पर उन्होंने कहा कि बंगाल की धरती पर जहर फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिसे होने नहीं दिया जाएगा. एसआईआर में यदि वैध वोटरों के नाम कटे तो सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही. साथ ही उन्होंने जंगलमहल क्षेत्र में आदिवासियों और कुरमी समुदाय के अधिकार, भाषा, संस्कृति, जल-जमीन-जंगल के मुद्दे उठाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें केवल भ्रमित कर रही हैं. उन्होंने अमन, शांति और सांप्रदायिक एकता के लिए 21 जनवरी को कोलकाता पहुंचने का आह्वान किया.

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Author: AMIT KUMAR

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