अस्थायी सड़क बना दामोदर नदी से बालू तस्करी

शहर के सिटी सेंटर स्थित महकमा शासक कार्यालय समीप मंगलवार भूमि रक्षा कमेटी की ओर से दामोदर नदी में अस्थाई सड़क बनाकर की जा रही बालू तस्करी रोकने की मांग पर प्रदर्शन किया गया एवं मांगों का ज्ञापन महकमा शासक के हाथों सौंपा गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से 15 दिनों के भीतर बालू खनन रोकने का मांग की.

दुर्गापुर.

शहर के सिटी सेंटर स्थित महकमा शासक कार्यालय समीप मंगलवार भूमि रक्षा कमेटी की ओर से दामोदर नदी में अस्थाई सड़क बनाकर की जा रही बालू तस्करी रोकने की मांग पर प्रदर्शन किया गया एवं मांगों का ज्ञापन महकमा शासक के हाथों सौंपा गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से 15 दिनों के भीतर बालू खनन रोकने का मांग की, अन्यथा संगठन की ओर से जोरदार आंदोलन करने शुरू करने की बात कही. कमेटी के सचिव ध्रुव ज्योति मुखर्जी ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री प्रशासनिक बैठक में लुट हो रही बालू कोयला रोकने के लिए बार-बार निर्देश देती है . इसके बावजूद अंडाल के एवं आसपास के इलाकों से गुजरने वाली दामोदर नदी में बालू कारोबारी बेखौफ होकर नदी पर अस्थाई सड़क बनाकर बालू लूट करने में जुटे हैं.

नदी के भीतर सड़क बनाना कहा का नियम है? नदी में सड़क बनाने से जल का स्तर कम हो जा रहा है.ऐसी स्थिति रही तो गर्मियों में स्वच्छ जल की किल्लत होगी जिसका खामियाजा साधारण जानता को भुगतनी होगी. उन्होंने कहा कि बालू कारोबारियों का मनोबल इतना बढ़ा है कि नदी में सड़क बनाकर जेसीबी लगाकर नदी के बीच से बालू खनन कर रहे है. प्रशासन को प्रमाण समेत घटना से अवगत कराया गया है. इस मामले में प्रशासन को सख्त कदम उठाते हुए करवाई करनी होगी. अन्यथा संगठन की ओर से जोरदार आंदोलन शुरू की जाए किया जाएगा. इस बारे में महकमा शासक डॉ. सौरभ चटर्जी ने बताया की कमेटी द्वारा शिकायत पत्र मिला है, फिलहाल विभागीय अधिकारियों को इसके जांच के लिए कहा गया है. वहीं, अंडाल थाना प्रभारी ने बताया कि ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है घटना की जांच की जाएगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >