दुर्गापुर.
दुर्गापुर थाना अंतर्गत ए- जोन फांड़ी (पुलिस चौकी) की ओर प्रांतिका निवासी नाटो नामक कबाड़ी को हिरासत में लेने की खबर पाकर तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति झा आजाद बुधवार देर रात पुलिस चौकी पहुंच गये, जिससे इलाके में हलचल मच गयी. सांसद ने सामान्य कबाड़ का कारोबार करनेवाले के लिए इतनी हमदर्दी दिखाने को लेकर शहर में चर्चा शुरू हो गयी है. विरोधी राजनीतिक दल इसे लेकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. अलबत्ता, इस बाबत सांसद ने साफ तौर पर कहा कि कौन क्या करता है, वो बाद की बात है. लेकिन पहले वह तृणमूल का कार्यकर्ता है. सांसद बनाने के पीछे तृणमूलकर्मियों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. सूचना थी कि संगठन के एक कर्मी को गलत मामले में पुलिस ने फंसाने का प्रयास किया था. सांसद के मुताबिक उन्हें कार्यकर्ता को सहयोग करना उचित लगा. इसलिए वह पुलिस चौकी चले गये और अपने कार्यकर्ता को हिरासत से छुड़ाया. दूसरी ओर, स्थानीय सूत्रों ने कहा कि हिरासत में लिये गये नाटो नामक कबाड़ी वहां का चर्चित लोहा कारोबारी भी है. इसके खिलाफ पहले अपहरण एवं कई मामला थाना में दर्ज है . सूत्रों का कहना है कि शहर में लोहे का सिंडिकेट को लेकर गिरोह सक्रिय हो रहे है. जो छोटे-छोटे कबाड़ वाले को धमका कर स्क्रैप को सिंडिकेट वालों को बेचने का दबाव दे रहे है. कुछ दिनों से नाटो को सिंडिकेट द्वारा दबाव दिया गया था. जिसका विरोध करने पर उसे झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची गयी थी. इसके मद्देनजर नाटो को बुधवार लोहा चोरी के मामले में संदेह के आधार पर ए जोन फाड़ी की पुलिस हिरासत में लिया था. उसके बाद नाटो एवं कबाड़ बस्ती के कुछ लोग सहयोग के लिए सांसद कीर्ति झा के आवास पर पहुंचे एवं सहयोग करने की गुहार लगाई थी . जिसपर सांसद ने हमदर्दी दिखाते हुए बुधवार देर रात पुलिस चौकी पहुंचे जहां उन्होंने संगठन के कर्मी के नाते उसे हिरासत से छुड़ाया. इस घटना को लेकर शहर में राजनीति शुरू हो गई है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
