ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और यातायात नियमों के पालन को लेकर जामुड़िया ट्रैफिक गार्ड ने सख्ती शुरू कर दी है. ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी अधिकारी सुकांत दास के नेतृत्व में मंगलवार देर रात चांदा मोड़ इलाके में मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान वाहन चालकों को मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी गयी तथा नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गयी.
ट्रैफिक गार्ड को शिकायत मिल रही थी कि इलाके में कई बाइक में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज आवाज की जा रही है.इससे स्थानीय निवासियों के साथ राहगीरों, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.शिकायतों के बाद पुलिस ने चांदा मोड़ क्षेत्र में अभियान चलाया.
कई वाहनों से हटाये गये साइलेंसर
अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर लगी कई मोटरसाइकिलों की जांच की गयी और मौके पर कुछ साइलेंसर हटाये गये.वाहन चालकों को हिदायत दिया गया कि निर्धारित मानकों से अधिक शोर करना यातायात नियमों का उल्लंघन है और इससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
प्रभारी अधिकारी सुकांत दास ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए नियमित रूप से अभियान जारी रहेगा.मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर मोटर वाहन कानून के तहत कार्रवाई की जायेगी. जरूरत पड़ने पर वाहन जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है.उन्होंने वाहन चालकों से नियमों का पालन करने और जामुड़िया को ध्वनि प्रदूषण से मुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की.
ट्रैफिक गार्ड के इस अभियान का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया. लोगों ने कहा कि मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज पर नियंत्रण के लिए इस तरह के अभियान नियमित रूप से चलाये जाने की जरूरत है.
