आसनसोल से शिवशंकर ठाकुर की रिपोर्ट
सच ही कहा गया है कि सीखने-पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती. अगर इंसान ठान ले तो कुछ भी हासिल कर सकता है. इस बात को साबित किया है 55 साल के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी जय कांत प्रसाद (जेकेपी) चौधरी ने. 98.43 पर्सेंटाइल के साथ उन्होंने मैनेजमेंट में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता (यूजीसी-नेट) परीक्षा पास की है. 55 साल की उम्र में यूजीसी-नेट क्लियर करने वाले वह देश के चुनिंदा अभ्यर्थियों में शामिल हो गये हैं.
बिहार के चकमारूख गांव के हैं चौधरी
वैशाली (बिहार) जिला के बेलसर थाना अंतर्गत चकमारूख गांव के निवासी आईआरएस अधिकारी जेकेपी चौधरी ने बताया कि सीखने और पढ़ने को आदत बना रखा है. उम्र सिर्फ एक नंबर है. दो माह पहले जून के आखिरी सप्ताह में जब यूजीसी नेट की परीक्षा देने पहुंचा, तो परीक्षा कक्ष में मौजूद दूसरे उम्मीदवार, जिनमें से अधिकांश जेन-जी थे, मुझे देखकर सोचने लगे कि निगरानी के लिए आये हैं. जब उन्हें पता चला कि मैं भी उन्हीं की तरह परीक्षा देने आया हूं, तो वे थोड़ा हैरान हो गये.
कार में यात्रा के दौरान की यूजीसी-नेट की तैयारी
जेएनयू से इंडियन पॉलिटिक्स में मास्टर्स करने वाले चौधरी वर्ष 1994, वर्ष 1996, वर्ष 1997 और वर्ष 1998 में यूपीएससी की परीक्षा दी. इंडियन फॉरन सर्विस (आईएफएस) में जाना चाहते थे. हर बार मुख्य परीक्षा तक पहुंचे, लेकिन चयन नहीं हो पाया. अभी आयकर मुख्यालय दिल्ली में सहायक आयकर आयुक्त हैं. उन्होंने बताया कि गाजियाबाद के कौशांबी (उनका आवास) से दिल्ली के संसद मार्ग स्थित अपने कार्यालय आने-जाने के दौरान मोबाइल फोन पर यूजीसी नेट की तैयारी करते थे.
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इनकम टैक्स ऑफिस में मिल चुका है उत्कृष्ट सेवा का पुरस्कार
नौकरी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और अपनी इच्छा को एक साथ संभालने का यही एकमात्र तरीका था. पिछले साल उन्हें सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) से उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र मिला था. आयकर कार्यालय में उत्कृष्ट सेवा देने के साथ-साथ सीखने और पढ़ने का उनका जुनून आज भी जारी है. नेट-यूजीसी क्लियर करने के बाद अब उनकी इच्छा भारत की कर और वित्तीय व्यवस्था पर शोध करने की है.
यूपीएससी में 4 बार नाकाम, कई बैंकों में की नौकरी
- बड़ौदा बैंक में पीओ
- कैनरा बैंक में पीओ
- स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन में प्रबंधक
- देना बैंक में पीओ
- एफसीआई में सहायक प्रबंधक
- एसबीआई में पीओ
- सेंट्रल बैंक में सहायक प्रबंधक
- देना बैंक
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
2005 में बने आयकर निरीक्षक
14 दिसंबर 2005 को चौधरी की आयकर विभाग में निरीक्षक के पद पर ज्वाइनिंग हुई. दुर्गापुर में पहली पोस्टिंग हुई. साढ़े 9 साल तक काम करने के बाद कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय में पोस्टिंग हुई. यहां प्रमोशन मिला और वह इनकम टैक्स ऑफिसर (आईटीओ) बन गये थे. वर्ष 2023 में सहायक आयकर आयुक्त बन गये. वर्ष 2024 में उनका तबादला दिल्ली मुख्यालय हो गया.
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दुर्गापुर और कोलकाता से है गहरा नाता
दुर्गापुर और कोलकाता से उनका गहरा नाता रहा है. अभी वे केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के लेखा परीक्षा और लोक लेखा समिति (संसदीय समिति) प्रभाग में सहायक आयकर आयुक्त (विशेष कार्य पदाधिकारी) हैं. चौधरी ने बताया कि उनका इकलौते बेटे अचिंत्य चौधरी अमेरिका की पर्ड्यू यूनिवर्सिटी से समिट स्कॉलरशिप पाने वाले पहले इंटरनेशनल चैपमैन स्कॉलर हैं.
जेकेपी चौधरी की उपलब्धियां
- परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में भागीदारी के लिए प्रधानमंत्री से प्रशंसा पत्र.
- आईआईएम बैंगलोर से फाइनेंशियल अकाउंटिंग और एनालिसिस कोर्स के लिए गोल्ड बैज.
- ‘कनेक्टिंग इंडिया’ और ‘सेवा समर्पण क्विज फिनाले’ जैसी सरकारी क्विज प्रतियोगिताओं के विजेता.
- आईआईटी खड़गपुर से एचआरडी कोर्स (जुलाई-अक्टूबर, 2021) किया.
- 2 पदों पर काम करते हुए वर्ष 2011-13 के बीच डिस्टेंस एजुकेशन से एमबीए (फाइनेंस) की पढ़ाई की.
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, दुर्गापुर के मुख्य आयकर आयुक्त और राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (एनएडीटी) नागपुर से राजभाषा पुरस्कार और हिंदी में कई अन्य पुरस्कार प्राप्त किये.
- वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में आईआईएम बैंगलोर से बैंकिंग और फाइनेंशियल मार्केट से संबंधित 2 सर्टिफिकेशन कोर्स किया.
- आईआईटी-रुड़की से इंटरनेशनल बिजनेस की परीक्षा पास की.
- बीएचयू से इंटरनेशनल फाइनेंशियल मैनेजमेंट में सर्टिफिकेशन कोर्स किया.
- सीबीडीटी के ऑडिट और पब्लिक अकाउंट्स कमेटी डिवीजन में बेहतर काम के लिए सीबीडीटी के सदस्य (एएंडजे) से मिला प्रशंसा पत्र.
