एसआइआर के नाम पर लाखों लोगों के नाम मतदाता-सूची से हटा दिये गये हैं. इसे लेकर बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है. मंगलवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट नगरपालिका के वार्ड सात के एक तालाब के किनारे कूड़े-कचरे के ढेर में कई दर्जन वोटर कार्ड पाये जाने से हड़कंप मच गया. इतने सारे वोटर-कार्ड कहां से आये और किसने यहां फेंके थे, इसे लेकर मंथन शुरू हो गया है. चुनावी गहमागहमी के बीच ऐसे कचरे के ढेर में दर्जनों पहचान पत्रों को लेकर लोगों में तरह तरह से चर्चा शुरू हो गयी है. इन पहचान-पत्रों की जांच में पुलिस लग गयी है. रामपुरहाट विधानसभा सीट से भाजपा प्रार्थी ध्रुव साहा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का खेला अब खत्म हो गया है. एसआइआर के पहले अवैध रूप से वोटर कार्ड बना कर जो लोग रह रहे थे, सूची से नाम कटने के बाद इनके पहचान-पत्र रद्दी की टोकरी में फेंकने पड़े हैं. इसका सबूत आज कूड़े के ढेर में पहचान-पत्र पाये जाने से मिल गया.
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