परिकल्पना के अभाव में राज्य सरकार की विकास योजनाएं विफल

राज्य में परिकल्पना के अभाव के कारण वर्तमान सरकार की विकास कार्य योजनाएं विफल हुई हैं, जो राज्य सरकार की असफलता को साबित करती हैं.

बांकुड़ा.

राज्य में परिकल्पना के अभाव के कारण वर्तमान सरकार की विकास कार्य योजनाएं विफल हुई हैं, जो राज्य सरकार की असफलता को साबित करती हैं. यह आरोप भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने गुरुवार को बांकुड़ा जिला भाजपा पार्टी कार्यालय में आयोजित पत्रकार बैठक में लगाया.

पुस्तिका के जरिये सरकार पर हमला

जितेंद्र तिवारी ने कहा कि बुधवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने संयुक्त रूप से राज्य सरकार की असफलता को लेकर एक पुस्तिका जारी की है. इसी पुस्तिका के माध्यम से जिले-जिले जाकर राज्य सरकार की विकास कार्यों में विफलता को जनता के सामने रखा जा रहा है. बांकुड़ा में भी इसी पुस्तिका के आधार पर प्रेस बैठक आयोजित की गयी. उन्होंने बताया कि पुस्तिका के माध्यम से प्रत्येक जिले में राज्य सरकार की विफलता को उजागर किया जायेगा.

कर्ज में 305 प्रतिशत वृद्धि का दावा

जितेंद्र तिवारी ने कहा कि सर्वे के माध्यम से यह सामने आया है कि जब वर्ष 2011 में सरकार सत्ता में आयी थी, उस समय राज्य पर कर्ज का बोझ दो लाख सात हजार 702 करोड़ रुपये था. वर्ष 2025-26 तक यह बढ़कर सात लाख 71 हजार 670 करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग 305 प्रतिशत की वृद्धि है. उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह पर कैपिटा इनकम का बोझ 22,570 रुपये से बढ़कर 76,766 रुपये तक पहुंच गया है.

ग्रामीण विकास व रोजगार पर सवाल

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जितेंद्र तिवारी ने कहा कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में कोई वास्तविक विकास कार्य नहीं हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि गलत तरीके से कोयला, बालू और नौकरी की बिक्री कर धन अर्जन किया गया है. विभिन्न विभागों में कटमनी के जरिए रोजगार देने का आरोप भी उन्होंने लगाया. उन्होंने कहा कि यदि इसे ही विकास कहा जाता है तो अवश्य बंगाल आगे आया है, लेकिन अगर वास्तविक उन्नयन होता तो राज्य पर कर्ज का बोझ नहीं बढ़ता.

स्वास्थ्य और कर्मतीर्थ पर आलोचना

भाजपा नेता ने कहा कि बंगाल में बनाये गये सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में न तो पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर है और न ही चिकित्सा व्यवस्था सुचारू है. गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अंततः कोलकाता के अस्पतालों में रेफर किया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किये गये कर्मतीर्थ शहर से दूर खेत इलाकों में बनाये गये हैं, जहां कोई जन बस्ती नहीं है. उनके अनुसार लगभग 80 प्रतिशत कर्मतीर्थ विफल हो चुके हैं और कई स्थानों पर ये दलीय कार्यकलापों के गोदाम बन गये हैं.

परिवर्तन की मांग

जितेंद्र तिवारी ने कहा कि सरकार ने लोगों को ठगा है और अब राज्य में परिवर्तन की मांग उठ रही है. कर्मतीर्थ और अन्य मुद्दों को लेकर राज्य में विरोध हो रहा है और जनता बदलाव चाहती है. प्रेस बैठक में बांकुड़ा सांगठनिक जिला भाजपा अध्यक्ष प्रसेनजीत चटर्जी, जिला नेता सौगत पात्र, मीडिया प्रभारी अंकिता कुंडू, मोहित शर्मा समेत अन्य जिला नेता उपस्थित रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >