मकर संक्रांति से पहले बाजारों में लौटी रौनक
मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आते ही दुर्गापुर शहर का बाजार तिल और गुड़ की सौंधी महक से गुलजार हो उठा है. कड़ाके की ठंड के बीच पर्व का उल्लास बाजारों में साफ नजर आने लगा है.
दुर्गापुर.
मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आते ही दुर्गापुर शहर का बाजार तिल और गुड़ की सौंधी महक से गुलजार हो उठा है. कड़ाके की ठंड के बीच पर्व का उल्लास बाजारों में साफ नजर आने लगा है. लोग मकर संक्रांति को लेकर तिलकुट और उससे बनी सामग्री की खरीदारी में जुट गये हैं.खरीदारी में आयी तेजी
शहर के बेनाचिटी सहित विभिन्न बाजारों में तिलकुट, चूड़ा, दही और शक्कर की मांग बढ़ गयी है. जैसे-जैसे संक्रांति करीब आ रही है, खरीदारी की रफ्तार भी तेज होती जा रही है. बाजारों में खोआ तिलकुट, खोआ स्पेशल तिलकुट, गुड़ और चीनी से बने तिलकुट उपलब्ध हैं. बेनाचिटी बाजार, स्टेशन बाजार, चंडीदास बाजार समेत अन्य प्रमुख बाजारों में तिलकुट की दुकानें आकर्षक ढंग से सजी हुई हैं. बीते साल की तुलना में कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद लोग उत्साह के साथ खरीदारी कर रहे हैं.
दुकानों पर भीड़
सोमवार को अवकाश के कारण बाजार में काफी चहल-पहल देखी गयी. दोपहर बाद से देर शाम तक बाजार में महिला और पुरुष खरीदारों की भीड़ लगी रही. लोग गुड़, चावल, तिल, चूड़ा सहित अन्य सामग्री की खरीदारी करते नजर आये. बाजार में तिलकुट 200 रुपये से लेकर 500 रुपये प्रति किलो तक बिकते दिखे.
गया के कारीगर दे रहे खास स्वाद
मकर संक्रांति को लेकर उत्तर पल्ली इलाके में बीते कई दिनों से कारीगर तिलकुट बनाने में जुटे हैं. बिहार के गया से आये कारीगर अलग-अलग आकार और स्वाद के तिलकुट तैयार कर रहे हैं, जो ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं. दुकानदार सौरभ केवट ने बताया कि संक्रांति के दिन मांग को देखते हुए पर्याप्त स्टॉक तैयार किया जा रहा है.
आंखों के सामने बनते तिलकुट का आकर्षण
आंखों के सामने तिलकुट बनते देख लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. ग्राहकों का कहना है कि बाजार में विभिन्न किस्म और कीमत के तिलकुट उपलब्ध हैं, लेकिन सामने बनता तिलकुट खरीदने का अनुभव अलग ही होता है. रेडीमेड तिलकुट की गुणवत्ता को लेकर जहां संशय रहता है, वहीं ताजा बने तिलकुट में भरोसा ज्यादा होता है.
शुगर फ्री व गुड़ से बने तिलकुट की मांग
दुकानदारों के अनुसार इस बार सामान्य तिलकुट के साथ शुगर फ्री और गुड़ से बने तिलकुट की मांग ज्यादा है. खोआ, सफेद तिल और गुड़ से बने तिलकुट व गजक को लोग अधिक पसंद कर रहे हैं. शुगर फ्री तिलकुट में चीनी की जगह तिल की मात्रा अधिक होती है, जिसे स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर माना जा रहा है. इसके अलावा कतरनी-बासमती चूड़ा, गुड़, बादामपट्टी और शक्कर की मांग भी बढ़ी हुई है. दही की दुकानों पर भी मकर संक्रांति को लेकर खास चहल-पहल देखी जा रही है.
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