जामुड़िया में विद्रोही कवि नजरुल को कांग्रेस का नमन

विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम की 126वीं जयंती के अवसर पर जामुड़िया ब्लॉक-01 कांग्रेस कार्यालय, गांधी भवन में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी. कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कवि के बहुआयामी व्यक्तित्व को याद किया.

जामुड़िया.

विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम की 126वीं जयंती के अवसर पर जामुड़िया ब्लॉक-01 कांग्रेस कार्यालय, गांधी भवन में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी. कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कवि के बहुआयामी व्यक्तित्व को याद किया. पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विश्वनाथ यादव ने काजी नजरुल इस्लाम के जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे सिर्फ एक कवि ही नहीं, बल्कि एक सिने कलाकार और फौजी भी थे. यादव ने कहा कि राजनीति उनके प्रिय विषयों में से एक थी और वे एक आशु कवि थे, जिनके लिए किसी भी विषय पर तत्काल कविता रच देना सहज कार्य था. उन्होंने आगे कहा कि नजरुल इस्लाम एक बेहतरीन कहानीकार और साहित्य अनुवादक भी थे. उनके जीवन में संगीत कला का सुंदर समावेश था और वे हिंदी, फारसी और अरबी भाषाओं के अच्छे जानकार थे.भारत सरकार ने 1960 में उन्हें पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया था. मौके पर जामुड़िया ब्लॉक-01 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परितोष बाउरी, महासचिव शांति गोपाल साधु, पश्चिम बर्दवान जिला युवा कांग्रेस कमेटी के महासचिव फिरोज खान, कांग्रेस नेता असलम रज़ा और अन्य कांग्रेस कमेटी के सदस्यगण उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >