घाट पर भाजपाइयों के साथ पहुंचे जितेंद्र तिवारी को झेलना पड़ा जनाक्रोश, दोनों पक्षों में हुई झड़प जामुड़िया में है सबसे ज्यादा जल संकट, यहां जल जीवन मिशन का काम भी है सबसे धीमा जामुड़िया. जामुड़िया थाना क्षेत्र में अजय नदी के दरबारडांगा घाट पर अंधाधुंद बालू खनन के मुद्दे पर शुक्रवार को भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय लोगों की जमकर झड़प हुई. पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, लेकिन तनाव बरकरार है. भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि वे अपने पार्टी के नेता व कार्यकर्ताओं के साथ बालू घाट का निरीक्षण करने गये थे. यहां बालू की अंधाधुंद खनन से दरवारडांगा घाट पर स्थित वाटर प्रोजेक्ट को खतरा हो गया है. इसी तरह यहां बालू खनन चलता रहा तो आगामी मई माह में वाटर प्रोजेक्ट से पानी मिलना बंद हो जाएगा और लोगों को पानी की भारी समस्या होगी. इसी का निरीक्षण करने गये थे कि स्थानीय लोगों ने किसी के बहकावे पर हुड़दंग मचाना शुरू किया. भाजपा के नेता व कर्मियों से उनकी टकराव हो गयी. पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को वहां से हटा दिया. जामुड़िया में जल जीवन मिशन की स्थिति : जल जीवन मिशन के तहत पूरे जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल के जरिये जल पहुंचाने का काम चल रहा है. जिला में कुल 2,55,244 घरों में नल लगाकर जल देना है. जिसका कार्य 2024 के अंदर पूरा करना था. अभी तक 70.78 फीसदी काम ही पूरा हुआ है. जिला के आठ प्रखंडों में सबसे कम 42.22 फीसदी कार्य जमुड़िया में हुआ है. यहां 19,288 घरों में नल लगाकर जल देना है, लेकिन सिर्फ 8144 घरों में ही नल लगा है. कांकसा में 95.84 फीसदी, बाराबनी में 90.29 फीसदी, रानीगंज में 82.25 फीसदी, फरीदपुर दुर्गापुर में 75.34 फीसदी, सालानपुर में 67.66 फीसदी, अंडाल में 54.82 फीसदी और पांडवेश्वर में 48.51 फीसदी हर घर नल के जरिये जल देने का कार्य पूरा हो चुका है. जामुड़िया सबसे पीछे है. यहां के लोगों को पानी की समस्या चरम पर है. गर्मी आरंभ होने से पहले ही यहां के लोग पानी को लेकर आंदोलन कर रहे. ऐसे में बालू की अंधाधुंद खनन से अजय नदी के दरबारडांगा घाट पर स्थित वाटर प्रोजेक्ट को भी खतरा उत्पन्न होने के आसार हैं. जो यहां के लोगों के लिए काफी चिंताजनक है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
