सरजीत राय के नाम पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कर दो माह में 19.33 करोड़ का हुआ कारोबार

रहें सावधान! आपको किसी न किसी तरह मुसीबत में डालने के लिए अपराधी एक के बाद एक नयी तरकीब आजमा रहे हैं.

आर्थिक तंगी झेल रहे गृह शिक्षक सरजीत राय के घर रेड करने पहुंचे जीएसटी अधिकारी भी हो गये हैरान

सरजीत को लेकर जीएसटी अफसर पहुंचे साइबर थाना, अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

प्रतिनिधि, आसनसोल.

रहें सावधान! आपको किसी न किसी तरह मुसीबत में डालने के लिए अपराधी एक के बाद एक नयी तरकीब आजमा रहे हैं..आसनसोल में एक हैरान करनेवाला मामला सामने आया है. जिसे लेकर पुलिस अधिकारी भी परेशान हो उठे हैं. आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र के हॉटन रोड मास्टरपाड़ा इलाके के निवासी व पेशे से गृह शिक्षक सरजीत राय के जानकारी के बिना उनके पैन कार्ड, आधार कॉर्ड व अन्य सारे कागजातों के सहारे जीएसटी रजिस्ट्रेशन हो गया. दो माह में ही इस जीएसटी पर 19,33,60,000 रुपये का टर्नओवर दिखाया गया, जिसमें 3,48,04,800 रुपये की लायबिलिटी थी. दो माह में 19 करोड़ का टर्नओवर देखकर हैरान जीएसटी अधिकारी श्री राय के घर जांच के लिए पहुंचे. श्री राय को देखकर अधिकारियों के होश उड़ गये. आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे श्री राय अपनी नातिन की शादी के लिए जगह-जगह कर्ज मांग रहे हैं. ऑनलाइन कर्ज पाने के चक्कर में उन्होंने अपना सारा डॉक्यूमेंट किसी अंजान व्यक्ति दिया. जिसके बाद बदमाशों ने उनके कागजता का उपयोग करके जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवा लिया. जीएसटी अधिकारी श्री राय को लेकर आसनसोल साइबर क्राइम थाना पहुंचे. जहां श्री राय की शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कांड संख्या 74/25 में बीएनएस की धारा 316(2)/318(4)/319(2)/338/336(3)/340(2)/61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई.

गौरतलब है कि साइबर अपराध का एक के बाद एक नया कारनामा सामने आ रहा है. लोगों से लेकर सरकार तक को चूना लगाने का काम बड़े आसानी से कर रहे हैं. आसनसोल में एक ऐसा ही मामला सामने आया है. जिसमें एक गृह के शिक्षक के दस्तावेजों का उपयोग करके जीएसटी रजिस्ट्रेशन किया गया और उसमें 19.33 करोड़ कब ट्रांजेक्शन दो माह में दिखा दिया गया.

श्री राय ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपनी नातिन की शादी को लेकर ऑनलाइन कर्ज लेने के लिए अनेकों जगह आवेदन किया था, जिसमें अपने सारे डॉक्युमेंट्स भी दिया था.

पुलिस के अनुसार इन डॉक्युमेंट्स को साइबर अपराधियों ने जरूरत के आधार पर बेचा. जो इसे खरीदा उसने एक सितम्बर 2025 को उन कागजातों से जीएसटी रजिस्ट्रेशन किया और दो माह में ही 19.33 करोड़ का ट्रांजेक्शन दिखा दिया, जिसकी लाइबिलिटी (टैक्स की देनदारी) साढ़े तीन करोड रुपये श्री राय के माथे चढ़ गयी. जिसकी जांच को लेकर जीएसटी अधिकारी श्री राय के आवास पर पहुंचे थे.

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Published by: Subodh kumar singh

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