एसआइआर पर जिलाधिकारी से नहीं हो पायी भेंट, बैरंग लौटे भाजपा के प्रतिनिधि
एसआईआर मुद्दे को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट से मुलाकात करने पहुंचे भाजपा प्रतिनिधिमंडल को बिना भेंट किये ही लौटना पड़ा.
बांकुड़ा.
एसआईआर मुद्दे को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट से मुलाकात करने पहुंचे भाजपा प्रतिनिधिमंडल को बिना भेंट किये ही लौटना पड़ा. तय कार्यक्रम के अनुसार मुलाकात नहीं होने से जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा और जम कर नारेबाजी हुई. आखिरकार प्रतिनिधिमंडल बिना मुलाकात किये ही वापस चला आया. मंगलवार सुबह पूर्व केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री डॉ सुभाष सरकार और भाजपा के बांकुड़ा सांगठनिक जिलाध्यक्ष प्रसेनजीत चटर्जी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल जिला मजिस्ट्रेट और जिला चुनाव अधिकारी से मिलने पहुंचा था. प्रतिनिधिमंडल एसआइआर प्रक्रिया और फर्जी वोटरों के नाम हटाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहता था. भाजपा नेताओं के अनुसार नियम के तहत पूर्व सूचना देकर वे लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन काफी देर इंतजार के बावजूद मुलाकात नहीं हो सकी.प्रतिनिधिमंडल में जिले के चार विधायक नीलाद्रि शेखर दाना, अमरनाथ शाखा, सत्य नारायण मुखोपाध्याय और दिवाकर घरामी शामिल थे. इसके अलावा प्रसन्नजीत कुंडू, अंकिता कुंडू, मोहित शर्मा समेत जिला भाजपा की लीडरशिप भी मौजूद रही. मुलाकात नहीं होने पर सभी ने जिलाधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए.एसआइआर वेरिफिकेशन पर भाजपा के आरोप
बांकुड़ा सदर विधायक नीलाद्रि शेखर दाना ने आरोप लगाया कि प्रशासन अब तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव में काम कर रहा है और जिला मजिस्ट्रेट का रवैया इसका उदाहरण है. भाजपा नेताओं ने दावा किया कि एसआईआर वेरिफिकेशन के बाद जिले में 22 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं. हाल ही में विवेक यात्रा के बाद हुई बैठक में विष्णुपुर के सांसद सौमित्र खां ने भी शिकायत की थी कि जिन फर्जी वोटरों के नाम एसआइआर में छूटे थे, उन्हें अब तक सूची से नहीं हटाया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
