मुख्य बातें
Bengal Election : आसनसोल/कुल्टी. कांग्रेस और फॉरवर्ड ब्लॉक का गढ़ रहे कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2011 के बाद इस बार के चुनाव में वाममोर्चा से फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार को टिकट मिला है. पिछले दो चुनावों से यह सीट गठबंधन के तहत कांग्रेस को मिलती रही है. फॉरवर्ड ब्लॉक उम्मीदवार के मैदान में आने से यह चुनाव काफी रोचक हो गया है. भाजपा ने पिछली बार के विधायक डॉ. अजय पोद्दार पर ही दांव लगाया है. तृणमूल ने मंत्री मलय घटक के अनुज अभिजीत घटक को मैदान में उतारा है. वाममोर्चा ने फॉरवर्ड ब्लॉक ने भवानी आचार्या को टिकट दिया गया.
छह बार जीत चुकी है कांग्रेस
इस सीट पर कुल छह बार कांग्रेस, पांच बार फॉरवर्ड ब्लॉक, तीन बार तृणमूल और एक-एक बार प्रजा सोशलिस्ट पार्टी (पीएसपी), संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी(एसएसपी) और भाजपा को मिला है. फॉरवर्ड ब्लॉक के माणिक लाल आचार्या और तृणमूल के उज्ज्वल चटर्जी ने यहां जीत की हैट्रिक लगाया है. पिछले चुनाव में भाजपा उम्मीदवार डॉ अजय पोद्दार ने तृणमूल के उज्ज्वल चटर्जी को मात्र 679 वोटों के अंतर से परास्त किया था.
17 बार हुए चुनाव में कौन-कौन जीता
आजादी के बाद राज्य में हुए विधानसभा चुनाव वर्ष 1952 में कुल्टी विधानसभा सीट दो उम्मीदवारों वाली थी. इस सीट पर कांग्रेस के जयनारायण शर्मा और वैधनाथ मंडल संयुक्त रूप से पहले विधायक बने. 1957 के चुनाव में पीएसपी के बनारसी प्रसाद झा, वर्ष 1962 और 1967 के चुनाव में कांग्रेस के जय नारायण शर्मा यहां के विधायक बने. वर्ष 1979 में मध्यावधि चुनाव हुआ और एसएसपी के डॉ. तारक नाथ चक्रवर्ती को जीत मिली. वर्ष 1971 और 1972 के मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस के रामदास बनर्जी को जीत मिली. वर्ष 1977 के चुनाव में पहली बार फॉरवर्ड ब्लॉक के मधु बनर्जी जीते और 1982 के चुनाव में भी श्री बनर्जी को जीत मिली.
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2021 में भाजपा ने पहली बार जीती सीट
वर्ष 1987 के चुनाव में फिर कांग्रेस के उम्मीदवार तुहिन सामंत ने इस सीट पर कब्जा किया. इसके बाद 1991, 1996 और 2001 में लगातार तीन बार फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार माणिकलाल आचार्या ने जीत दर्ज की और जीत का हैट्रिक लगाने वाले पहले उम्मीदवार बने. वर्ष 2006 में पहली बार यह सीट कांग्रेस की झोली में गयी और उज्ज्वल चटर्जी लगातार तीन बार 2006, 2011 और 2016 के चुनाव में जीत दर्ज की और हैट्रिक लगाने वाले दूसरे उम्मीदवार बने. वर्ष 2021 में भाजपा ने पहली बार इस सीट पर अपना कब्जा किया और डॉ. अजय पोद्दार यहां के विधायक बने.
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