श्रमिक दिवस पर कामगारों के हक को आंदोलन का आह्वान

माकपा की जामुड़िया बाजार शाखा की ओर से बुधवार को 140वां मई दिवस बड़े उत्साह व संकल्प के साथ मनाया गया.

जामुड़िया.

माकपा की जामुड़िया बाजार शाखा की ओर से बुधवार को 140वां मई दिवस बड़े उत्साह व संकल्प के साथ मनाया गया. जामुड़िया बाजार स्थित सिनेमा मोड़ पर आयोजित कार्यक्रम में भारी संख्या में पार्टी कैडर व श्रमिक शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत सुबह लाल झंडा फहरा कर की गयी. उसके बाद उपस्थित नेताओं व कार्यकर्ताओं ने श्रमिक आंदोलन के शहीदों की वेदी पर पुष्प चढ़ा कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी.

ऐतिहासिक महत्व और आठ घंटे काम का अधिकार

इस अवसर पर माकपा नेता विकास यादव ने मई दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा की 1886 में अमेरिका के शिकागो में हजारों मजदूरों ने काम के घंटों को सीमित करने के लिए आंदोलन किया था, जिसे दबाने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाईं और कई मजदूर शहीद हुए.1889 के पेरिस सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि हर वर्ष 1 मई को ””विश्व मजदूर दिवस”” मनाया जाएगा.भारत में इस परंपरा की शुरुआत 1923 में हुई थी. इसी ऐतिहासिक संघर्ष के बाद मजदूरों को 8 घंटे काम करने का अधिकार प्राप्त हुआ था.

चुनौतियों पर कड़ा प्रहार

विकास यादव ने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज देश में ””लेबर कोड”” (श्रम संहिता) के नाम पर मजदूरों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है.उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों को फिर से 12 से 14 घंटे काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.जामुड़िया के स्थानीय कारखानों में भी श्रमिकों का शोषण जारी है, जहाँ उनसे तय सीमा से अधिक काम लिया जा रहा है.न्यूनतम मजदूरी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है, जब हम मजदूरों पर हो रहे अत्याचारों और उनके छीने जा रहे अधिकारों के खिलाफ एक होकर जोरदार आंदोलन करें.इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शंकर रवानी, गोपाल दास, उत्तम तपादार, एमडी शमशेर सिद्दीकी सहित कई अन्य स्थानीय नेता और सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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By AMIT KUMAR

AMIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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