बाल विवाह के खिलाफ छात्राओं की जागरूकता रैली

बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को रोकने के राज्य सरकार के प्रयासों को बल देते हुए, रानीगंज में एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया.

रानीगंज.

बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को रोकने के राज्य सरकार के प्रयासों को बल देते हुए, रानीगंज में एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया. सरकार की कन्या श्री परियोजना की भावना को आगे बढ़ाते हुए, स्वयंसेवी संस्था भावना एसोसिएशन फॉर पीपल्स अपलिफ्टमेंट (बापू) ने आज रानीगंज के स्कूल के विद्यार्थियों के साथ मिलकर यह रैली निकाली.यह जागरूकता रैली अंजुमन उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल से शुरू हुई.रैली इतवारी मोड़ से होते हुए रानीगंज के प्रमुख इलाकों का परिक्रमा कर वापस अंजुमन उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल में समाप्त हुई.रैली में अंजुमन उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल के साथ-साथ जमुनामयी बालिका उच्च विद्यालय के विद्यार्थी और शिक्षक भी शामिल हुए.

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों में बोरो चेयरमैन मुजम्मिल शहजादा, रानीगंज थाना और ट्रैफिक के अधिकारी, तथा ””बापू”” संस्था के कर्णधार प्रतीक चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.बोरो चेयरमैन मुजम्मिल शहजादा ने फीता काटकर रैली को रवाना किया.

इस मौके पर, अंजुमन उर्दू गर्ल्स स्कूल के टीचर इनचार्ज ने बाल विवाह के मुद्दे पर चिंता जतायी. बताया कि पिछले कुछ समय से उनके स्कूल में छात्राओं की संख्या लगातार घटती जा रही थी. कारण का पता लगाने पर यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आयी कि अभिभावक लड़कियों की कम उम्र में शादी कर दे रहे हैं. कुछ दीगर मामलों में लड़कियों खुद भी शादी कर ले रही हैं. इसी गंभीर समस्या को देखते हुए आज का यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्राओं को जागरूक करना था. उन्होंने यह भी बताया कि जनवरी के महीने में इसी तरह का एक और कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका लक्ष्य अभिभावकों को जागरूक करना होगा.

””बापू”” संस्था के संस्थापक प्रतीक चौधरी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कम उम्र में शादी के गंभीर नुकसानों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा, “यह उम्र पढ़ लिखकर स्वावलंबी बनने की है. ” उन्होंने बताया कि आर्थिक और सामाजिक कारणों के चलते कुछ अभिभावक अपनी बच्चियों की कम उम्र में शादी कर देते हैं, जबकि कुछ लड़कियां स्वयं भी गलत राह पर चली जाती हैं.

चौधरी ने जोर दिया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इस समस्या का स्थाई निराकरण करना है. उन्होंने अपनी संस्था के अन्य कार्यों पर भी प्रकाश डाला, जिसमें यौन उत्पीड़न के शिकार छोटे बच्चों को इंसाफ दिलाना और एसिड अटैक पीड़ितों के लिए कार्य करना शामिल है. यह रैली बाल विवाह के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने में सफल रही, जिसमें स्थानीय प्रशासन और समाजसेवी संस्था ने मिलकर भविष्य की पीढ़ी को जागरूक करने का संकल्प लिया.

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By Amit kumar

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