ऑटोवाले का घर निकला बीटी सर्विसेज का ठिकाना, जीएसटी अफसर जानकर हैरान

इस पते पर टोटो चालक बबलू कुमार प्रसाद तुरी उन्हें मिले, यह श्री तुरी के आवास का पता है.

ऑटो चालक को पता ही नहीं कि उसके आधार, पैन के साथ पिता का आधार, घर के बिजली बिल के जरिये हुआ है बीटी सर्विसेज का जीएसटी रजिस्ट्रेशन आसनसोल/दुर्गापुर. ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (दक्षिण बंगाल) दुर्गापुर जोन राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारी गुरुवार को दुर्गापुर थाना क्षेत्र के कादा रोड शारदापल्ली, इलाके में स्थित बीटी सर्विसेज़ कंपनी के पते पर सर्च अभियान को पहुंचे, तो भौचक्के रह गये. इस पते पर टोटो चालक बबलू कुमार प्रसाद तुरी उन्हें मिले, यह श्री तुरी के आवास का पता है. जीएसटी अधिकारियों की टीम को देखकर श्री तुरी के भी होश उड़ गये. अधिकारियों से उन्हें पता चला कि उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के साथ उनके पिता के आधार कार्ड और घर के बिजली बिल का उपयोग करके बीटी सर्विसेस नामक एक कंपनी का जीएसटी रजिस्ट्रेशन 12 मई 2025 को हुआ है. इस कंपनी की जीएसटी जांच के लिए टीम यहां आयी है. जीएसटी आधिकरियों ने एक निरीक्षण रिपोर्ट भी तैयार किया. इस मामले को लेकर श्री तुरी ने अपने दस्तावेजों के फर्जीवाड़ा को लेकर दुर्गापुर थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी. जिसके आधार पर दुर्गापुर थाना कांड संख्या 10/26 में बीएनएस की धारा 319(2)/318(4)/338/336(3)/61(2) और सीजीएसटी एक्ट 2017 की धारा 132 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई. जीएसटी विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस भी इस मामले की जांच में जुट गयी है. गौरतलब है कि किसी भी व्यक्ति का आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य दस्तावेजों के आधार पर कोई दूसरा व्यक्ति अपने कंपनी का जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवा लें रहा है. मामला तब खुलासा होता है, जब जीएसटी विभाग के अधिकारी सर्च अभियान के लिए उस कंपनी के पते पर पहुंचते हैं. अधिकारियों के साथ उस पते पर रहनेवाला व्यक्ति भी हैरान व परेशान हो जाता है.

पहले भी आसनसोल साइबर क्राइम थाने में दर्ज हो चुका है ऐसा मामला

बबलू कुमार प्रसाद तुरी के दस्तावेजों का उपयोग कर जीएसटी रजिस्ट्रेशन हासिल करने का पिछले कुछ दिनों में यह दूसरा मामला सामने आया है. आसनसोल साउथ थाना क्षेत्र के हॉटन रोड मास्टरपाड़ा इलाके के निवासी व पेशे से गृह शिक्षक सरजीत राय के दस्तावेजों का उपयोग करके एक सितंबर 2025 को जीएसटी रजिस्ट्रेशन हुआ और दो माह में ही 19.33 करोड़ रुपये का टर्नओवर दिखाया गया, जिसमें 3.48 करोड़ रुपये की लायबिलिटी थी. जीएसटी अधिकारी यहां सर्च अभियान के लिये पहुंचे, तो श्री राय को देखकर उनलोगों के होश उड़ गये. आर्थिक तंगी झेल रहे श्री राय अपनी नातिन की शादी के लिए अनेकों जगह कर्ज को लेकर आवेदन किया है. ऑनलाइन कर्ज पाने के चक्कर मे जरूरी दस्तावेज एक व्यक्ति को भी दिया. जिसके बाद ही यह कारनामा हुआ. जीएसटी अधिकारी श्री राय को साथ लेकर साइबर क्राइम थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज करवायी.

क्या हुआ दुर्गापुर निवासी टोटो चालक बबलू के साथ

आठ जनवरी की सुबह दुर्गापुर कादा रोड, शारदापल्ली इलाके के निवासी व टोटो चालक बबलू कुमार प्रसाद तुरी के घर पर जीएसटी विभाग के अधिकारियों की टीम पहुंची. यह टीम बीटी सर्विसेस संस्था में सर्च अभियान चलाने के गयी थी, जिसका पता श्री तुरी का घर का है. इस कंपनी के लोगों ने श्री तुरी का आधार कार्ड, पैन कार्ड, घर का बिजली बिल, उनके स्वर्गीय पिता का आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के सहारे कंपनी का जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाया था. जबकि यहां कोई भी वास्तविक व्यवसाय गतिविधि यहां मौजूद नहीं है. श्री तुरी ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने कभी भी जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन नहीं किया और ना ही किसी को आवेदन के लिए अपनी सहमति दी है. बीटी सर्विसेस ने अपना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए गलत तरीके से उनके आवासीय घर को व्यवसाय का मुख्य स्थान दिखाया. संस्था ने उनके नाम पर धोखाधड़ी करके यह रजिस्ट्रेशन प्राप्त किया है. पुलिस को बताया कि इस घटना से उन्हें गंभीर कानूनी और वित्तीय जोखिम का सामना करना पड़ रहा है.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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