जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के बेलबाद जोड़ जानकी इलाके में करीब 80 वर्ष पुराने श्मशान घाट की जमीन पर कब्जे की कोशिश के आरोप को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया. 16 आना कमेटी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर श्मशान की जमीन पर किसी भी तरह के निर्माण या मिट्टी की खुदाई पर रोक लगाने की मांग की. स्थानीय निवासी राजवीर सिंह ने आरोप लगाया कि भैरव और उज्जवल नामक दो ईंट-भट्ठा मालिक श्मशान की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं.उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में भी इसी तरह की कोशिश की गयी थी. उस समय ग्रामीणों के विरोध के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था.इसमें ईंट-भट्ठा मालिकों ने श्मशान की जमीन पर किसी तरह का काम नहीं करने की बात स्वीकार की थी. राजवीर सिंह के अनुसार, वर्ष 2026 में एक बार फिर जेसीबी मशीन लगाकर पिछले करीब एक सप्ताह से जमीन की मिट्टी की खुदाई की जा रही है. इससे ग्रामीणों में आक्रोश है. उनका कहना है कि यह श्मशान करीब 80 वर्ष पुराना है और वर्षों से स्थानीय लोग यहां अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं.किसी भी कीमत पर श्मशान के स्वरूप और अस्तित्व के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जायेगी. वहीं, स्थानीय निवासी काजल मांजी ने भी आरोप लगाया कि भैरव और उज्जवल द्वारा दोबारा श्मशान की जमीन पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि श्मशान की जमीन पर किसी प्रकार का निर्माण नहीं होने दिया जायेगा. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जायेगा. दूसरी ओर, आरोपित पक्ष का कहना है कि जेसीबी से जिस जमीन पर काम किया जा रहा है, वह उनकी अपनी जमीन है और वह श्मशान घाट से काफी दूर है. इसलिए कब्जे का आरोप निराधार है. मामले को लेकर प्रशासनिक जांच पर अब सभी की नजर है.
80 साल पुराने श्मशान पर कब्जे की कोशिश से भड़के ग्रामीण, किया जोरदार प्रदर्शन

केंदा फाड़ी में दिए गए शिकायत पत्र दिखाते ग्रामीण | Prabhat Khabar Network
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पश्चिम बंगाल के जामुड़िया में 80 साल पुराने श्मशान की जमीन पर कब्जे की कोशिश के खिलाफ ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन, प्रशासन से जांच की मांग की.