टीएमसी नेता बोले- चोरों और लुटेरों ने पार्टी को बर्बाद किया, इन्हीं की वजह से हारे चुनाव

आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश सचिव शिवदासन दासु ने पार्टी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि जब बंगाल में टीएमसी की सरकार थी, तब आसनसोल नगर निगम को 'लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा' बना दिया था. इसी वजह से पार्टी को विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा. दासु ने उच्चस्तरीय जांच और भ्रष्ट नेताओं को पार्टी से बाहर करने की मांग की है.

आसनसोल से संतोष विश्वकर्मा की रिपोर्ट

कोलकाता में होने वाली तृणमूल कांग्रेस की 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली से ठीक पहले आसनसोल में टीएमसी के प्रदेश सचिव शिवदासन दासु ने सोमवार को अपनी ही पार्टी के नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने पार्टी के बड़े नेताओं को आसनसोल में संगठन की बदहाली और विधानसभा चुनाव 2026 में मिली करारी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

निगम बना लूट का अड्डा, 5 सीटों पर मिली हार : दासु

शिवदासन दासु ने आसनसोल नगर निगम (AMC) के पिछले 5 वर्षों के कामकाज पर सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 से आसनसोल नगर निगम को जिस तरह से चलाया गया, वह पूरी तरह से ‘लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा’ बन चुका था. इसी संस्थागत भ्रष्टाचार के कारण वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में आसनसोल क्षेत्र की सभी पांचों विधानसभा सीटों पर तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि मेयर, दोनों पूर्व डिप्टी मेयर और लगभग 50 पूर्व पार्षदों ने जनता के पैसों को विकास के नाम पर जमकर लूटा.

जमीन कब्जाने, पार्किंग और होर्डिंग से करोड़ों की अवैध वसूली

तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने पार्टी के अंदर बैठे भ्रष्ट नेताओं के कारनामों की लंबी फेहरिस्त मीडिया के सामने रखी. उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर जमीन कब्जाने, जमीन की दलाली करने और लोगों के मकानों पर अवैध कब्जे किये. बिल्डिंग प्लान पास कराने, पार्किंग और होर्डिंग लगाने के नाम पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गयी. उन्होंने विशेष रूप से ‘लेचीपुर पार्किंग’ का नाम लेते हुए वहां अवैध वसूली के आरोप लगाये.

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ममता बनर्जी को 10 बार पत्र भेजा, चमचों ने आवाज दबायी’

दासु ने संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी और ईमानदारी की अनदेखी के भी आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि वह 1990 के दशक से ममता बनर्जी के साथ जुड़े हुए हैं. उन्होंने ममता बनर्जी को 10 बार लिखित शिकायत भेजकर आगाह किया था कि अगर आसनसोल निगम का भ्रष्टाचार नहीं रुका, तो पार्टी का अंत तय है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब भी उन्होंने आवाज उठायी, पार्टी के कुछ ‘चमचों’ ने उनके खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी. यहां तक कि 2006 में भ्रष्ट नेताओं का विरोध करने पर उन्हें निलंबित तक कर दिया गया था. दासु ने कहा कि चुनाव हारने के बाद जो नेता इधर-उधर छिप गये थे, 21 जुलाई की रैली के बहाने फिर से मंच चमकाने के लिए एक साथ दिखाई दे रहे हैं.

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अग्निमित्रा पॉल से निष्पक्ष जांच की अपील

शिवदासन दासु ने पश्चिम बंगाल की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल से मांग की है कि पिछले 5 वर्षों में आसनसोल नगर निगम में हुए सभी कार्यों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच करायी जाये. इस महाघोटाले में शामिल पूर्व मेयर, दोनों पूर्व डिप्टी मेयर और दागी पार्षदों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाये.

‘अस्तित्व बचाना है तो भ्रष्ट लोगों को टीएमसी से बाहर करें’

उन्होंने कहा कि अगर तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल और आसनसोल की जनता का खोया हुआ विश्वास वापस जीतना है, तो इन भ्रष्ट, दलालों और लुटेरों को संगठन से धक्के मारकर बाहर करना होगा. पुराने और ईमानदार कार्यकर्ताओं को सम्मान देना होगा. शिवदासन दासु के इन आरोपों पर आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर, डिप्टी मेयर या संबंधित तृणमूल नेताओं की तरफ से कोई प्रतिक्रिया या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.


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By Mithilesh Jha

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