धनाभाव से कार्य बाधित, बकाया के लिए ठेकेदार व ठेका श्रमिक आंदोलन पर

पीएचइडी के ठेकेदारों के लंबे समय से पैसा बकाया होने का असर ठेका श्रमिकों पर पड़ा और नौबत यहां तक पहुंच गयी कि ठेकेदार और ठेका श्रमिक एक साथ आंदोलन पर उतर गये. पीएचइडी अधिकारी का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल से जल आवंटन करने का कार्य तय समय से काफी पीछे चल रहा है, ऎसे में फंड की कमी के कारण ठेकेदार और ठेका श्रमिकों के आंदोलन से कार्य काफी प्रभावित होगा.

आसनसोल.

पीएचइडी के ठेकेदारों के लंबे समय से पैसा बकाया होने का असर ठेका श्रमिकों पर पड़ा और नौबत यहां तक पहुंच गयी कि ठेकेदार और ठेका श्रमिक एक साथ आंदोलन पर उतर गये. पीएचइडी अधिकारी का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल से जल आवंटन करने का कार्य तय समय से काफी पीछे चल रहा है, ऎसे में फंड की कमी के कारण ठेकेदार और ठेका श्रमिकों के आंदोलन से कार्य काफी प्रभावित होगा. फंड की कमी के असर कार्य पर पड़ रहा है, इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को हर मीटिंग में दी जाती है. जिला में 70.78 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है. 2024 के अंत तक कार्य पूरा करना था, इसे बढ़ाकर मार्च 2025 किया गया है, लेकिन ऐसा ही चलता रहा तो कार्य 2025 में भी पूरा कर पाना संभव नहीं होगा. गौतरलब है कि बुधवार को बकाया वेतन की मांग को लेकर ऑल बंगाल पीएचइ ठेकेदार एम्पलाइज यूनियन के बैनर तले पीएचइ आरसीएफए डिवीजन-1 में सिविल विभाग के तहत कार्य करनेवाले ठेका श्रमिकों ने कार्यकारी अभियंता कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया. श्रमिकों ने बताया कि अनेकों को नवंबर माह से, तो कुछ की दिसंबर से, तो कुछ को जनवरी माह से वेतन मिलना बंद हो गया. आंदोलन पर बैठी ठेका कर्मचारी वंदना राय ने बताया कि पीएचइडी के आरसीएफए डिवीजन-1 में सिविल विभाग तथा मैकेनिकल विभाग मिलाकर कुल 600 ठेका श्रमिक हैं. मैकेनिकल विभाग के ठेका श्रमिकों का वेतन का भुगतान सही समय पर हो रहा है लेकिन सिविल विभाग के श्रमिकों को वेतन का भुगतान नवंबर महीने से रुका हुआ है. जिससे सभी की पारिवारिक और आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है, भूखे मरने की नौबत आ गयी है. इस कारण सिविल विभाग के ठेका श्रमिकों ने आज यहां आंदोलन पर बैठकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके वेतन का भुगतान का भुगतान नहीं हुआ तो वे लोग लगातार आंदोलन करेंगे.

विभाग के सहायक अभियंता संदीप कुमार कुंडू ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल परियोजना का कार्य आगामी कुछ महीनों में पूरा करने के लक्ष्य को लेकर कार्य चल रहा था लेकिन आर्थिक कमी के कारण ठेकेदारों का बिल का भुगतान रुका हुआ है. ठेकेदारों के सिक्युरिटी डिपॉजिट का पैसा भी परियोजना के कार्य में लगाया जा रहा है. ठेका श्रमिकों के धरना प्रदर्शन और आंदोलन के कारण पब्लिक हेल्थ विभाग का कार्य काफी प्रभावित होगा. जिसके कारण अनेकों जगह जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. जिला के चार प्रखंड सालानपुर, अंडाल, पांडवेश्वर और जमुड़िया में पेयजल की स्थिति चिंताजनक है. टैंकरों से आपुर्ति करनी होगी. श्रमिकों के बकाया वेतन की बात को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया है तथा ठेकेदार से भी बात की गयी है. ठेकेदारों ने बताया है कि उनके कार्य के बिल का भुगतान सालाना स्तर पर होता है, जबकि श्रमिकों को प्रतिमाह वेतन देना पड़ता है. उनके इएसआइ और पीएफ का पैसा भी समय पर देना पड़ता है. वर्षों से तो किसी तरह चलाया गया, अब वे लोग भी असमर्थता जाता रहे हैं. श्रमिकों से बातचीत कर उन्हें कार्य पर वापस लाने के लिए बात की जा रही है. समस्या का समाधान बातचीत से ही संभव है.

ठेकेदारों ने गिनायी अपनी समस्या दी हड़ताल पर जाने की चेतावनी

पीएचइ कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपनी वित्तीय संकट का हवाला देते हुए कहा कि अब उनलोगों का पीठ दीवार में सट गया है, बैंक से कर्ज लेकर इतना दिन किसी तरह काम चलाया, बैंक का कर्ज चुकाना भी अब मुश्किल होता जा रहा है. बुधवार को पत्रकार सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए ठेकेदारों ने अपनी वित्तीय संकट पर सरकारी उदासीनता को लेकर कड़ा विरोध जताया. उनका कहना है कि वर्षों से उनके करोड़ों रुपये के बिल विभाग में अटका हुआ है, जिसका भुगतान नहीं होने से वे भारी कर्ज में डूब गए हैं. बिल का भुगतान नहीं होने पर ठेकेदारों ने हड़ताल की चेतावनी देते हुए कहा कि अब वे लोग वे काम रोकने को मजबूर हैं. इससे जल आपूर्ति और सीवरेज जैसी अहम परियोजनाएं प्रभावित हो जाएगी. उन्होंने बताया कि सप्लायर नगद में ही कच्चा माल दे रहे हैं, जबकि मजदूरों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं हैं. ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि विभाग की सुस्त कार्यशैली और लापरवाही के कारण उनका व्यवसाय चौपट होने की कगार पर पहुंच गया है. अनेकों बार अधिकारियों से गुहार लगाई गयी है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. सरकार से गुहार लगाई कि उनलोगों के पैसे का भुगतान जल्द करें अन्यथा आगामी दिनों में जो भयावह स्थिति उत्पन्न होगी, उसके लिए वे लोग जिम्मेदार नहीं होंगे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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