सफलता. कमीश्नरेट की खुफिया पुलिस को झारखंड के सीमावर्ती इलाके से मिली बड़ी सफलता
आसनसोल : आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमीश्नरेट पुलिस को रविवार की रात बड़ी सफलता मिली. पिछले वर्ष पहली जनवरी को हीरापुर थाना अंतर्गत लामाया (नेहरू) पार्क में दिनदहाड़े सुकुमार विश्वास उर्फ यीशू की हुयी हत्या के मामले में शामिल एक शूटर को गिरफ्तार किया गया है.
हालांकि पुलिस आधिकारिक स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं कर रही है. अंदरूनी सूत्रों के अनुसार शूटर का नाम टनटन मिश्र है. वह जमुई (बिहार) जिला कोर्ट परिसर में स्थित हाजत में सुरंग बना कर भाग निकले पांच अपराधियों में शामिल रहा है. उसे संभवत: मंगलवार को आसनसोल महकमा कोर्ट में पेश किया जायेगा. बिहार तथा उड़ीसा में उसके उपर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित है. दोनों राज्यों की पुलिस इसकी तलाश में जुटी है. सूत्रों के अनुसार टनटन मिश्र को खुफिया विभाग के अधिकारियों ने रविवार की देर रात झारखंड की सीमावर्त्ती इलाके से गिरफ्तार किया. हाल के दिनों में पुलिस ने जाली नोट, गांजा तथा अवैध हथियारों के साथ कई अपराधियों को गिरफ्तार कि या है.
उनसे खुफिया विभाग, सीआइडी तथा विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों ने पूछताछ की है. पूछताछ की वीडियो रिकॉडिंग भी की गयी है. पुलिस उनके बयानों के आधार पर ही लगातार छापेमारी अभियान चला रही है. लेकिन पुलिस आधिकारिक रूप से कुछ भी नहीं बता रही है. कुछ सूत्रों का दावा है कि उसे कुल्टी में कोयला तस्करी से जुड़्े एक शख्स के घर से गिरफ्तार किया गया है तो कुछ सूत्रों का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी नियामतपुर स्थित एक राजनीतिक पार्टी के कार्यालय से क ी गयी है. टनटन मिश्र को यीशू हत्याकांड में मुख्य शूटर बताया जा रहा है. उसे आसनसोल में लाकर खुफिया विभाग के पुलिस अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं.
कौन है टनटन मिश्र
तीन जून, 2015 को जमुई व्यवहार न्यायालय स्थित कोर्ट हाजत के शौचालय में सुरंग खोदकर पांच कैदी ग्यारह बजे फरार हो गये. जेल से न्यायालय में पेशी के लिए 35 कैदी कोर्ट हाजत लाये गये थे. भागनेवालों में शातिर अपराधी रमेश हेन्ब्रम, टनटन मिश्र, उमा पासवान, जयराम यादव तथा पिंटू राम शामिल थे. कैदियों ने कोर्ट हाजत स्थित शौचालय की उत्तरी दीवार को काटकर सुरंग बनाया था.
इसी से बारी बारी से वे फरार हो गये. तत्कालीन पुलिस अधीक्षक जितेंद्र राणा ने कोर्ट हाजत पहुंच स्थिति का जायजा लिया था और कोर्ट हाजत में तैनात जिला पुलिस बल के पांच जवानों व सहायक अवर निरीक्षक एसपी शुक्ला को निलंबित कर दिया था. फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष दल का गठन किया गया था. लेकिन टनटन मिश्र पुलिस की गिरफ्त में नहीं था. उसने बिहार छोड़ कर पष्चिम बंगाल की सीमावर्त्ती क्षेत्रों में शरण ले रखी थी. उसके खिलाफ दर्जनों अपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज है तथा पुलिस को उसकी तलाश् बेसब्री से है.
क्या है टनटन की भूमिका
पुलिस के अनुसार यीशू पर फायरिंग करनेवाले में टनटन मिश्र शामिल था. हमले के बाद वह आराम से पार्क की चारदीवारी फांद कर दामोदर नदीं के पास पहुंचा तथा पैदल ही नदी पार कर बांकुड़ा जिले के मधुकुंड़ा इलाके में चला गया. वहां से वह अपने सुरक्षित शरणस्थली में लौट गया. सूत्रों के अनुसार पूछताछ में टनटन से उसके सहयोगियों के बारे में पूछताछ की जा रही है. उसके पास से रिवाल्वर बरामदगी के दावे किये जा रहे हैं. उसे कोर्ट में पेश किये जाने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि पुलिस ने उसके बयानों को किस रूप में लिया है.
क्या है यीशू हत्याकांड: अंदरूनी पुलिस सूत्रों के अनुसार यीशू हत्याकांड में उसकी मुख्य भूमिका थी. इस हत्याकांड को पिछले वर्ष पहली जनवरी, 2016 को लामाया पार्क में दिनदहाड़े अंजाम दिया गया था. इस संबंध में हीरापुर थाना में कांड संख्या 02/2016 दर्ज की गयी है. प्राथमिकी मृतक के पुत्र ने दर्ज करायी थी. यीशू ही पार्क का संचालक था तथा आइएसपी से उसने लीज पर इसे ले रखा था. घटना के अनुसार चार व्यक्ति दो बाइकों पर सवार होकर पार्क के पास रूके थे. इसके बाद सभी पार्क में धुस गये थे. दोपहर तीन बजकर पांच मिनट पर उन्होंने भीड़भाड़ वाले स्थल पर उन्होंने यीशू पर अंधाधुंध फायरिंग की. पार्क में भगदड़ मच गयी. इसके बाद अपराधी हथियार लहराते हुए आराम से भाग निकले.
गांजा की बरामदगी दिखा सकती है पुलिस
पुलिस सूत्रों का दावा है कि उसकी निशानदेही परइलाके से गांजा भी बरामद किया गया है.संभवत: पुलिस उसे गांजा तस्करी के मामले में बर्दवान जिला कोर्ट में उसे पेश करेगी तथा पूछताछ के लिए उसे पुलिस रिमांड पर लेगी. सनद रहे कि हीरापुर थाना पुलिस ने पवन प्रमाणिक उर्फ बांगी को तथा अंडाल थाना पुलिस ने मोहम्मद सलीम तथा फूलचंद साव को भी गांजे के साथ ही गिरफ्तार किया है. सभी न्यायिक हिरासत में जेल में है. इन सबके बीच नेटवर्क की तलाश में कमीश्नरेट पुलिस लगी हुयी है.
