डाबर कोलियरी में सीएमएस की भूख हड़ताल समाप्त

क्षेत्रीय कार्यालय में लंबी चली बैठक के बाद सभी मांगों पर सहमति चार वर्ष पूर्व से नियमित करने का निर्णय छोड़ा गया जीएम के भरोसे आसनसोल : सालानपुर एरिया की डाबर कोलियरी में पांच सूत्नी मांगों के समर्थन में कोलियरी मजदूर सभा (एटक) के बैनर तले श्रमिकों की भूख हड़ताल शुक्र वार को समाप्त हो […]

क्षेत्रीय कार्यालय में लंबी चली बैठक के बाद सभी मांगों पर सहमति
चार वर्ष पूर्व से नियमित करने का निर्णय छोड़ा गया जीएम के भरोसे
आसनसोल : सालानपुर एरिया की डाबर कोलियरी में पांच सूत्नी मांगों के समर्थन में कोलियरी मजदूर सभा (एटक) के बैनर तले श्रमिकों की भूख हड़ताल शुक्र वार को समाप्त हो गयी. प्रबंधन ने श्रमिकों की सभी मांगे मान ली और सीएमएस के महासचिव आरसी सिंह की उपस्थिति में कोलियरी के एजेंट नीरज कुमार सिन्हा, क्षेत्नीय प्रबंधक (कार्मिक) एमएम साधुखां, कोलियरी प्रबंधक (कार्मिक) एन निराला ने अनशन स्थल पर आकर मांगों को पूरा करने के लिए समझौते पत्न पर हस्ताक्षर किये.
यूनियन की ओर से महासचिव श्री सिंह ने समझौते पर हस्ताक्षर किया. अनशन पर बैठे जोगिंदर यादव, मोहनलाल बीपी, सुभाष बाउरी, मंटू चौहान और रामावतार नोनिया को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया.
मौके पर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष जीएस ओझा, सचिव मनोज सिंह, रमेश सिंह, सांगठनिक सचिव शैलेन्द्र सिंह , केंद्रीय कमेटी सदस्य विजय मंडल, राजेश सिंह, कोलियरी के सांगठनिक सचिव लक्ष्मण नोनिया, संयुक्त सचिव सुरेश साव, सहायक सचिव मिथिलेश प्रसाद, डाबर कोलियरी के प्रबंधक मनोज कुमार सिंह, खनन अभियंता अरिबंद कुमार आदि उपिस्थत थे.
सीएमएस के सांगठनिक सचिव श्री सिंह ने बताया कि गुरु वार सुबह 10 बजे से अनशन का कार्यक्र म आरम्भ होने के बाद क्षेत्नीय प्रबंधक ने शुक्र वार की सुबह महाप्रबंधक कार्यालय में बैठक के लिए बुलाया. दोपहर एक बजे यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ प्रबंधक की बैठक हुई. पांच मांगों में से चार मांगे प्रबंधन ने मान ली. लेकिन एक मांग श्रमिकों को चार वर्ष पूर्व जबसे इंक्लाइन बंद कर ओसीपी बनाकर श्रमिकों को ओसीपी में कार्य पर लगाया गया तबसे उन श्रमिकों को उनके कार्य के आधार पर उन्हें उसी पद पर नियुक्ति देकर नियमित करने की मांग को पूरा करने में प्रबंधन ने अपनी असमर्थता जतायी.
प्रबंधन ने शुक्रवार सो नियमित करने की बात कही. इसपर समझौता नहीं हुआ और बैठक समाप्त हो गयी. अनशन जारी रहा. शाम प्रबंधन के सभी अधिकारी अनशन स्थल पर आये और सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया. लिखित समझौता हुआ. जिसमें महिला श्रमिक और पीस रेट श्रमिक जिस पद पर कार्य कर रहे है , उन्हें उसी पद पर नियुक्ति देकर नियमित करने, जो शावेल और डोजर चला रहे हैं, कंपनी की गाइड लाइन के आधार पर उन्हें उसी पद की नियुक्ति देकर नियमित करने का कार्य 31 मार्च तक पूरा किया जायेगा. डाबर और राधाबल्लभपुर इलाके में स्थित कंपनी के आवासों की मरम्मत, पेय जल की व्यवस्था, नाली और सड़क निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर कर जून तक पूरा कर दिया जायेगा. सभी श्रमिकों को चार वर्ष पूर्व से नियमित करने का मुद्दा महाप्रबंधक (कार्मिक) मुख्यालय पर छोडा गया , जिसका निर्णय यूनियन और स्थानीय प्रबंधन दोनों को मान्य होगा.

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