टैक्स मद में सौ से दो सौ फीसदी वृद्धि की विसंगति करनी होगी दूर

रानीगंज : रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवक्ता कन्हैया सिंह ने कहा कि आसनसोल नगर निगम प्रशासन ने ट्रेड लाइसेंस शुल्क में असामान्य वृद्धि की है. यही कारण है कि कही -कहीं यह वृद्धि सौ से दो सौ फीसदी तक है. उन्होंने कहा कि इन विसंगतियों को दूर किये जाने से व्यवसायियों और नगर निगम […]

रानीगंज : रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवक्ता कन्हैया सिंह ने कहा कि आसनसोल नगर निगम प्रशासन ने ट्रेड लाइसेंस शुल्क में असामान्य वृद्धि की है. यही कारण है कि कही -कहीं यह वृद्धि सौ से दो सौ फीसदी तक है.
उन्होंने कहा कि इन विसंगतियों को दूर किये जाने से व्यवसायियों और नगर निगम प्रशासन के बीच बेहतर संबंध विकसित होगा तथा यह श्हर के लिए हितकारी होगा. उन्होंने कहा कि मेयर जितेंद्र तिवारी की पहल पर आगामी नौ मार्च को आसनसोल के रविंद्र भवन में बुलायी गयी बैठक इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है. उन्होंने कहा कि रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स को इस बैठक का आमंत्रण मिला है तथा चेंबर की कोशिश है कि इस सभा में कम से कम तीन सौ सदस्यों की भागीदारी हो.
उन्होंने कहा कि फेडरेशन और साउथ बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फॉस्बेक्की) के सलाहकार होने के नाते भी उम्मीद करते है कि इस मौके पर दोनों पक्ष सकारात्मक रूख रखेंगे तथा किसी न किसी सहमति पर पहुंचने में सफल होंगे. उन्होंने कहा कि यह काफी सराहनीय कदम है. मेयर श्री तिवारी ने व्यवसायियों तथा प्रशासन के बीच दिन प्रतिदिन गहरी हो रही खाई को पाटने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि जमीनी सच्चाई यह है कि आसनसोल नगर निगम इलाका पहले से ही काफी विकसित था.
इसके साथ कुल्टी नगरपालिका, जामुड़िया नगरपालिका तथा रानीगंज नगरपालिका का विलय कर दिया गया. भले ही यह राजनीतिक निर्णय रहा. लेकिन व्यवसायिक या संसाधनों के नजरिये से इन तीन नगरपालिकाओं का विकास अपेक्षित रूप से नहीं हुआ. परिणाम यह है कि इन पिछड़े क्षेत्र के व्यवसायियों को अपने से अपेक्षाकृत अधिक विकसित इलाकों के साथ चलना पड़ रहा है. इस कारण इन क्षेत्रों को अपेक्षाकृत अधिक सुविधाएं तथा कम बोझ देना होगा, ताकि वे आसनसोल के समतुल्य हो सके. रानीगंज, जामुड़िया तथा कुल्टी इलाके की तुलना आसनसोल से न की जाये. श्री सिंह ने कहा कि आसनसोल नगर निगम क्षेत्न में अधिकांश दुकानें भाड़ा पर हैं.
जबकि नगर निगम प्रशासन का यह आदेश है कि मकान मालिक को अथवा उसके किरायेदार को पांच साल का प्रोपर्टी टैक्स का कागजात प्रदान करना होगा. व्यवहार में अधिकांश दुकानदारों का अपने मकान मालिक से किसी न किसी मुद्दे को लेकर अनबन है. ऐसी स्थिति में नगर निगम प्रशासन को वैकल्पिक नीति अख्तियार करनी होगी. ताकि मकान मालिक और किरायेदार दोनों को ही सुविधा मिल सके. उन्होंने कहा कि रानीगंज जैसे शहर के छोटे मिठाई दुकानदारों से नगर निगम प्रशासन गारवेज टैक्स के रु प में 10 हजार रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक की मांग कर रहा है. जबकि ऐसी भी दुकाने हैं जिनकी पूंजी ही मात्न 10 हजार रुपये हैं.
ऐसी स्थिति में वह कहां से गारबेज टैक्स मद में इतनी अधिक राशि का भुगतान कर पायेंगे. उन्होंने कहा कि होल्ंिडग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस टैक्स एवं गारबेज टैक्स को लेकर निगम प्रशासन के विरु द्ध भ्रांतियां फैल गई है. इन्हें दूर करने का प्रयास मेयर श्री तिवारी को करना होगा. उन्होंने कहा कि आनेवाले समय में आसनसोल नगर निगम इलाके को नये जिला के तहत काफी विकास करना है. इसके लिए दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक सहयोग आवश्यक है.

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