मिशन निर्मल बांग्ला अभियान में पिछड़ने के बाद निगम प्रशासन ने अचानक सख्त आदेश जारी किया. आदामी 31 मार्च तक बर्दवान जिले को निर्मल करने के लिए इस निर्णय को पूर्ण रूप से लागू कराने तथा 47 हजार शौचालयों के निर्माण की चुनौती निगम के सामने है.
आसनसोल. ‘मिशन निर्मल बांग्ला’ अभियान के मुद्दे पर आसनसोल नगर निगम प्रशासन ने कड़ा फैसला लिया है. मेयर जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि आगामी एक मार्च से नगर निगम इलाकों में खुले में शौच को कानूनन अपराध घोषित किया गया है. खुले में शौच करनेवालों के खिलाफ संबंधित थाने में नगर निगम प्रशासन के स्तर से प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. अपने कक्ष में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सोमवार को उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक नगर निगम इलाके में 47 हजार शौचालयों का निर्माण हर हालत में कर लिया जायेगा. सनद रहे कि इस मुद्दे पर जिलाशासक डॉ सौमित्र मोहन की अध्यक्षता में पिछले दिनों नगर निगम मुख्यालय में बैठक हुयी थी. उसमें इन शौचालयों के निर्माण तथा खुले में शौच पर रोक लगाने की बात कही गयी थी. मौके पर नगर निगम के आयुक्त सह महकमाशासक प्रलय रायचौधरी भी उपस्थित थे.
मेयर श्री तिवारी ने कहा कि आगामी एक मार्च से आसनसोल नगर निगम अंतर्गत इलाकों में कहीं भी खुले में शौच की अनुमति नहीं होगी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आसनसोल को जिला बनाये जाने की घोषणा के बाद इसको लेकर लगातार उच्च स्तरीय आधिकारियों के दौरे हो रहे हैं. आसनसोल शहर को जिला मुख्यालय बनाये जाने की दिशा में जोर शोर से काम चल रहा है. शहर के सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिलाशासक डॉ सौमित्र के साथ हुयी पिछली बैठक में 31 मार्च तक निर्मल बांग्ला अभियान को पूरा करने और नगर निगम अंतर्गत आसनसोल, रानीगंज, जामुडिया तथा कुल्टी अंचल में 47 हजार शौचालय बनाये जाने का लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जायेगा. इसको लेकर निगम प्रशासन ने युद्ध स्तर पर कार्य आरंभ कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि अगर आर्थिक तंगी के वजह से कोई खुले में शौच करने को बाध्य है तो नगर निगम से दो किस्तों में तीन हजार और पांच हजार कुल आठ हजार रूपये की मदद दी जा रही है.
आसनसोल शहर को विकसित और साफ व स्वच्छ शहर बनाने में निगम प्रशासन अपने स्तर से हर सहयोग को तैयार है. खुले में शौच को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि एक मार्च से इस निर्देश को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए जल्द ही पुलिस प्रशासन के साथ बैठक की जायेगी और पुलिस अधिकारियों से भी इस निर्देश को सख्ती से लागू करने में सहयोग मांगा जायेगा. नियम का उल्लंघन करते हुए पकड़े जाने वालों पर कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जायेगा. जुर्माने की राशि के निर्धारण के लिए जल्द ही बैठक की जायेगी.
मेयर श्री तिवारी ने कहा कि इसको लेकर निगरानी कमेटी बनायी जायेगी जो सुबह शाम वार्ड में खुले में शौच करने वालों को रोकेगी और जागरूक करेगी.
आयुक्त सह महकमाशासक श्री रायचौधरी ने कहा कि प्रशासन हर सहयोग करने को तैयार है. शहर के निवासी भी सहयोग की मानसिकता बनायें और शहर को आदर्श शहर बनाने में आगे आयें. जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम हैं वे अपने स्तर से भी अपने घरों में शौचालय बना सकते हैं उन्हें निगम द्वारा शौचालय बनाये जाने तक का इंतजार नहीं करना चाहिए.
यह शहर सभी का है जिम्मेवारी भी सबको मिलकर लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसीएल, सेल, रेल जैसे बडे संस्थानों में नौकरी करते हैं. वे बहुमंजिला मार्बल मोजाइक और टाइल्स वाले आधुनिक इमारतो में रहते हैं, महंगे स्मार्ट फोन, महंगे वाहनों के शौक रखते हैं परंतु खुले में शौच की आदत अब भी बनी हुइ है. ऐसे लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए. अवसर पर निगम सचिव प्रलय सरकार, अधिक्षण अभियंता सुकमल मंडल उपस्थित थे.
