80 अंकों को बोर्ड एग्जाम, 20 को होगी स्कूल परीक्षा
हर क्लास में तीन चरणों में ली जायेगी हर तिमाही में परीक्षा
आसनसोल : आगामी नये सेशन 2017-18 से सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) से संबद्ध स्कूलों में पढ़ाई का पैटर्न बदल जायेगा. अब स्टूडेंट्सों को परीक्षा देनी होगी और उन्हें उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण भी किया जायेगा. स्कूलों में हर क्लास में तीन चरण में परीक्षा ली जायेगी. इसमें दो चरणों की परीक्षा में उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा. वार्षिक परीक्षा 80 अंकों की होती, तो वहीं हर तीन महीने पर तीन बार परीक्षा ली जायेगी. ये परीक्षाएं 20 नंबरों की होगी. सीबीएसइ ने शैक्षणिक सत्र 2017-18 में बदलाव की सूची तमाम स्कूलों को भेज दी है. अप्रैल, 2017 में बदले हुए पैटर्न से ही पढ़ाई होगी.
थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल में उत्तीर्ण होना जरूरी
अब स्टूडेंट्सों को थेयोरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल की परीक्षा में भी उत्तीर्ण करना होगा. सीबीएसइ की नयी अधिसूचना के अनुसार अब थ्योरी और प्रैक्टिकल में अलग-अलग उत्तीर्ण होना होगा. हर क्लास के साथ यह बोर्ड परीक्षा में भी लागू किया गया है. सनद रहे कि पहले यदि थ्योरी में कम नंबर आते थे, तो प्रैक्टिकल में अच्छे अंक आ जाते थे. दोनों को जोड़ कर स्टूडेंट्स को उत्तीर्ण कर दिया जाता था. लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा. स्टूडेंट्सों को प्रैक्टिकल के साथ थ्योरी में भी पास मार्क्स लाना होगा.
हर तिमाही पर 10 अंकों की होगी परीक्षा
सीबीएसइ ने स्कूलों से हर तीन महीने पर स्कूल स्तर पर परीक्षा लेने का निर्देश दिया है. पहली परीक्षा मई में, दूसरी परीक्षा अगस्त तथा तीसरी परीक्षा दिसंबर में ली जायेगी. ये परीक्षा दल अंकों की होगी. इन तीनों परीक्षा में से दो में स्टूडेंट्सों को बेहतर अंक लाना होगा. दो परीक्षा में बेहतर अंक के औसत को कुल अंक के साथ जोड़ा जायेगा.
ये सारे किये गये हैं बदलाव
अतिरिक्त विषय के रूप में तीसरी भाषा रख पायेंगे स्टूडेंट्स
प्रैक्टिकल वाले विषय में 75 अंक की थ्योरी और 25 अंकों की प्रैक्टिकल परीक्षा ली जायेगी.
भाषा वाले विषय में बोलने और सुनने के कौशल का विकास किया जायेगा.
विज्ञान के विषय में प्रैक्टिकल पर फोकस करना है.
मैथेमेटिक्स में प्रोजेक्ट वर्क पर फोकस किया जायेगा.
सोशल स्टडीज कोर्स में मानचित्र और प्रोजेक्ट वर्क पर फोकस किया जायेगा.स्कूल स्तर पर नोटबुक में होमवर्क को बढ़ावा दिया जायेगा. नोटबुक में छात्रों के प्रेजेंटेशन पर अब छात्रों को पांच अंक दिये जायेंगे. इसमें छात्रों को नोटबुक की नियमितता, समय, साफ-सुथरा का ख्याल रखा जायेगा. इसके साथ ही किसी विषय पर अच्छा करने पर शिक्षक पांच अंक छात्रों को दे सकते हैं. सीबीएसइ के जोनल कोऑर्डिनेटर ने कहा कि सीबीएसइ का यह बदलाव सारे स्कूलों में आगामी अप्रैल माह से लागू हो जायेगा. रीक्षा के पैटर्न के साथ-साथ कोर्स की भी जानकारी सीबीएसइ ने स्कूलों को भेज दी है. इसी पैटर्न पर 10वीं बोर्ड और दूसरे क्लास की अब पढ़ाई होगी.
माह के अंत तक ऑनलाइन सेवा
खाद्य सुरक्षा नियम के प्रभावी होने के बाद बनाये गये डिजिटल राशन कार्ड में बड़ी संख्या में गड़बड़ियां होने से कार्डधारकों में भारी आक्रोश है. राज्यस्तरीय विरोध प्रदर्शन व आंदोलन शुरू हो गये हैं. इस आक्रोश के समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने संशोधन की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है.
आसनसोल. नया राशन कार्ड बनाने, राशन कार्ड में गलती संशोधन करने, कार्ड जमा देने आदि राशन कार्ड से जुड़ी सारी प्रक्रिया फरवरी माह के अंत तक ऑन लाइन आरंभ हो जायेगी. महकमा शासक प्रलय रायचौधरी ने बताया कि राज्य खाद्य वितरण विभाग के विशेष सचिव के आदेशानुसार खाद्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारियों को इस कार्य में दक्ष बनाने के लिये सात दिनों का प्रशिक्षण दिया जायेगा. जिसके उपरांत फरवरी माह के अंत तक महकमा अंतर्गत सभी खाद्य वितरण विभाग के कार्यालयों में ऑन लाइन प्रक्रिया आरंभ हो जायेगी. पश्चिम बंगाल राइट टू पब्लिक सर्विस एक्ट 2013 के अनुसार खाद्य विभाग द्वारा किसी भी आवेदन का निष्पादन 30 दिनों के अंदर करना होगा. ऑन लाइन प्रक्रिया में आवेदक अपने बार कोड से कंप्यूटर पर अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर पायेंगे. राशन कार्ड को लेकर चल रही गड़बड़ियों को दूर करने के उद्देश्य से सरकार ने राशन कार्ड की पूरी प्रक्रिया को ही ऑन लाइन करने का निर्णय लिया है. जिसके आधार पर खाद्य वितरण विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारियों को इस प्रक्रिया में दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण देने का आदेश जारी किया है.
महकमा शासक प्रलय राय चौधरी ने बताया कि इस प्रक्रिया में डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटडब्ल्यूबीपीडीएसडॉटगॉयडॉटइन साइट पर जाकर आवेदक को अपनी जरुरत के आधार पर आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा और उस फॉर्म को भरकर अपने नजदीकी खाद्य वितरण विभाग कार्यालय में जाकर खाद्य निरीक्षक को जमा करना होगा. खाद्य निरीक्षक उस आवेदन को ऑन लाइन भरेंगे और आवेदक को उस आवेदन का बार कोड नंबर दिया जायेगा. जिसके आधार पर वह आवेदक बार कोड के जरिये समय समय पर अपनी आवेदन की तत्कालीन स्थिति की जानकारी खुद प्राप्त कर सकेगा. किसी भी आवेदन का निपटारा एक माह के अंदर नहीं होने पर उस विभाग के अधिकारी को जिम्मेवार मानते हुए उससे स्पष्टीकरण मांगा जायेगा. स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाये जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी. सनद रहे कि डिजिटल कार्ड बनाने तथा इसके वितरण के बाद बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आ रही है. कार्डधारकों का आरोप है कि सभी कार्डधारकों के डिजिटल राशन कार्ड नहीं मिले हैं. जिन्हें मिले हैं, उनके कार्ड में भी कई गड़बड़ियां हैं.
या तो नाम में गलती है या सदस्यों की संख्या में गलती है. कई सदस्यों के नाम ही काट दिये गये हैं. इससे कार्डधारकों तथा राशनिंग प्रक्रिया से जुड़े दुकानदारों, डीलरों तथा अधिकारियों को परेशानी हो रही है. इसके खिलाफ राज्य स्तरीय आंदोलन भी शुरू हो गये हैं. माकपा ने आगामी 13 फरवरी को आसनसोल नगर निगम मुख्यालय के घेराव की घोषणा कर रखी है.
नये राशन कार्ड के िलए भरें फॉर्म तीन
महकमा शासक ने बताया कि नये राशन कार्ड या पुराने राशन कार्ड को डिजिटल बनाने के फॉर्म तीन, नाम या पता में गलती संशोधन के लिए फॉर्म चार, कार्ड में खाद्य सामग्रियों के संशोधन के लिए फॉर्म पांच, कार्ड सरेंडर करने के लिए फॉर्म छह और डीलर बदलने के लिए छह ए फॉर्म भरकर आवेदन करना होगा.
