पेंशन राशि में प्रबंधन का होगा समान अंशदान

सीएमसी की सोदपुर क्षेत्रीय समिति की विस्तारित कार्यकारिणी बैठक यूनियन महासचिव एसके पांडेय ने दी जानकारी जेबीसीसीआइ बैठक की आसनसोल : कोलियरी मजदूर कांग्रेस (एचएमएस) के महासचिव तथा जेबीसीसीआइ-10 के सदस्य एसके पांडेय ने कहा कि कोयला श्रमिकों के लिए पेंशन जारी रखने के लिए प्रबंधन ने इस मद में श्रमिकों के समान राशि अपने […]

सीएमसी की सोदपुर क्षेत्रीय समिति की विस्तारित कार्यकारिणी बैठक
यूनियन महासचिव एसके पांडेय ने दी जानकारी जेबीसीसीआइ बैठक की
आसनसोल : कोलियरी मजदूर कांग्रेस (एचएमएस) के महासचिव तथा जेबीसीसीआइ-10 के सदस्य एसके पांडेय ने कहा कि कोयला श्रमिकों के लिए पेंशन जारी रखने के लिए प्रबंधन ने इस मद में श्रमिकों के समान राशि अपने स्तर से अंशदान करने पर सहमति जतायी है. बर्नपुर नियामतपुर न्यू रोड किनारे यूनियन की सोदपुर क्षेत्रीय कमेटी की विस्तारित बैठक सह वनभोज को संबोधित करते हुए रविवार को उन्होंने कहा कि यूनियन प्रतिनिधियों ने अप्रैल माह तक नया वेतन समझौता करने का अल्टीमेटम प्रबंधन को दे दिया है.
श्री पांडेय ने कहा कि कोयलामंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की थी कि कोयला श्रमिकों को नया वेतनमान पहली जुलाई, 2016 से मिलने लगेगा. लेकिन अभी तक इस मुद्दे पर जेबीसीसीआइ-10 में कोई सहमति नहीं बन पायी है.
लेकिन 21-22 जनवरी को हुयी बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कह दिया है कि अप्रैल तक वेतनमान का निर्णय हो जाना चाहिए. इसके साथ ही सभी भत्ताें का भुगतान पहली जुलाई, 2016 से ही प्रभावी होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पेंशन योजना बनाते समय कोयला श्रमिकों की संख्या करीब सात लाख थी. इस समय घटकर यह संख्या 2.90 लाख रह गयी है. अंशदान करनेवालों की संख्या कम तथा पेंशन लेनेवालों की संख्या अधिक है. इस कारण पेंशन के भविष्य पर प्रश्न उठ रहे हैं. बैठक में प्रबंधन ने स्वीकार किया कि इस मद में जितनी राशि श्रमिक देते हैं, उतनी ही राशि प्रबंधन भी देगा. इससे पेंशन राशि की कमी का संकट दूर हो जायेगा.
उन्होंने कहा कि राजमहल परियोजना की ललमटिया खदान में मलवे में दबे पांच श्रमिकों के आश्रितों को पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने पर भी प्रबंधन ने सहमति जतायी है. सुरक्षा के मुद्दे पर यूनियनों को अधिक सचेत रहने की जरूरत हैं. उन्होंने कहा कि इंटक अपनी अंदरूनी कलह के कारण समाप्ति के कगार पर पहुंच गयी है, जबकि सीटू की राजनीति ने उसे बेहद कमजोर कर दिया है. बीएमएस का कोई जनाधार ही नहीं है. आइएनटीटीयूसी का प्रतिनिधित्व न जेबीसीसीआइ में है और न कॉरपोरेट जेसीसी में. इस स्थिति में कोयला श्रमिकों के हितों की लड़ाई इसी यूनियन को ही लड़नी होगी. सदस्यता चेकअप अभियान में पूरी शक्ति लगाने का उन्होंने आह्वान किया.
संचालन चिनाकुड़ी कोलियरी शाखा सचिव मोहम्मद मुख्तार ने किया. बैठक को यूनियन उपाध्यक्ष द्वय नागेश्वर मोदी व प्रशांत दे, सांगठनिक सचिव उमेश मिश्र, शब-ए-आलम, पटमोहना कोलियरी शाखा सचिव जयंत मिश्र, सेफ्टी बोर्ड के सदस्य देवनाथ यादव, पारबोलिया कोलियरी के यूनियन नेता हसीबुल रहमान, गिरिश साव, रविशंकर भूइयां, रामहरख हरिजन, अरुणांश सिंह, अंबिका यादव तथा चिन्मय दत्ता आदि ने संबोधित किया.

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