जेबीसीसीआइ-10 की मेडीकेयर कोर कमेटी की बैठक में कई अनुशंसा

क्रिटिकल बीमारी के मामले में पूरी खर्च राशि की वापसी पर बनी सहमति पुरानी स्कीम के तहत 40 हजार की कटौती का पूर्व प्रावधान रहा कायम इन अनुशंसाओं पर चर्चा होगी जेबीसीसीआइ-10 की बैठक में 20-21 को अनुशंसा पर भारी नाराजगी, अधिकारियों के समान मेडिकल सुविधा की मांग आसनसोल : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) तथा […]

क्रिटिकल बीमारी के मामले में पूरी खर्च राशि की वापसी पर बनी सहमति
पुरानी स्कीम के तहत 40 हजार की कटौती का पूर्व प्रावधान रहा कायम
इन अनुशंसाओं पर चर्चा होगी जेबीसीसीआइ-10 की बैठक में 20-21 को
अनुशंसा पर भारी नाराजगी, अधिकारियों के समान मेडिकल सुविधा की मांग
आसनसोल : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) तथा उसकी अनुषांगिक कोयला कंपनियों के साढ़े तीन लाख से अधिक श्रमिकों के नये वेतनमान तथा अन्य सुविधाओं के निर्णय के लिए गठित जेबीसीसीआइ-10 की पेंशन कोर कमेटी की बैठक बुधवार को हुयी.
इसमें सेवा निवृत्त श्रमिकों तथा कर्मचारियों के लिए मौजूदा कंट्रीव्यूटरी पोस्ट रिटायरमेंट मेडीकेयर स्कीम की बेहतरी के मुद्दों पर चर्चा की गयी. लंबी बैठक के बाद कई मुद्दों पर सहमति बनी. कोर कमेटी अपनी अनुशंसा जोबीसीसीआइ-10 की अगली बैठक में पेश करेगी. यह बैठक आगामी 20-21 जनवरी को केरल में प्रस्तावित है. इधर अनुशंसा की खबर मिलते ही विभिन्न यूनियनों के निचले क्रम के नेताओं और श्रमिकों में भारी नाराजगी है.
सनद रहे कि जेबीसीसाआइ-10 की पहली बैठक में वेतन के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हो सकी थी. श्रमिकों की पेंशन नीति तथा सेवानिवृत्ति के बाद मेडीकेयर योजनाओं पर चर्चा हुयी थी.
इसके बाद दोनों के लिए अलग-अलग द्विपक्षीय कोर कमेटी गठित की गयी थी. तय हुआ था कि कोर कमेटियां बैठक कर अपनी अनुशंसा तैयार करेंगी. इन्हें जेबीसीसीआइ-10 की अगली बैठक में पेश किया जायेगा तथा उनके आलोक में चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जायेगा. मेडीकेयर स्कीमों के मुद्दे पर गठित कोर कमेटी की बैठक बुधवार ोक सीआइएल मुख्यालय में हुयी. बैठक में कोर कमेटी के चेयरमैन सह एसइसीएल के सीएमडी बीआर रेड्डी, इसीएल के कार्मिक निदेशक केएस पात्र, एसइसीएल के कार्मिक निदेशक डॉ आरएस झा, एसइसीएल के सीएमएस डॉ मीनाक्षी देव, सीआइएल के सलाहकार भगवान पांडेय, तृप्तिपराग साव, बीएसएस के प्रतिनिधि वाइएन सिंह, एटक के प्रतिनिधि लखन लाल महतो, एचएमएस के प्रतिनिधि नत्थूलाल पांडेय तथा सीटू के प्रतिनिधि जेएस सोधी शामिल थे.
बैठक में कहा गया है कि कमेटी की बैठक छह जनवरी को नयी दिल्ली तथा 11 जनवरी को कोलकाता में हुयी तथा कई मुद्दों पर सर्वसहमति बनी. इसमें कहा गया है कि मौजूदा स्कीम की बेहतरी के लिए सोवानिवृत्त हो रहे या सोवानिवृत्त हो चुके श्रमिकों व कर्मचारियों के लिए 40 हजार रुपये की भागीदारी अनिवार्य होनी चाहिए.
घोषित क्रिटिकल बीमारी के मामलों में खर्च होनेवाली राशि का भुगतान किया जाना चाहिए तथा इस राशि का समायोजन सीआइएल या उसकी अनुषांगिक कोयला कंपनियों के सीएमएस की अनुशंसा से कॉरपस के स्तर से सेंट्रल गर्वमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) दर से होनी चाहिए. इसके साथ ही यह योजना स्मार्ट मेडिकल कार्ड से जुड़े आधार कार्ड से जुड़ी होनी चाहिए.
इसके साथ ही तीन विन्दुओ को भी बैठक में चर्चा के लिए शामिल किया गया है. इसमें कहा गया है कि दिव्यांग आश्रित बच्चों को भी इस योजना के लाभुकों में शामिल किया जाना चाहिए.
आपातकालीन मामलों को भी र्रिटिकल बीमारी के रूप में शामिल किया जाना चाहिए. कहा गया है कि इस योजना के साथ ही ओपीडी तथा इंडोर चिकित्सा सुविधा प्रबंधन उपलब्ध कराये या इसमें सहयोग करें. कहा गया कि जेबीसीसीआइ-10 में इस पर सहमति बनने के बाद इसके विस्तृत प्रारूप तैयार किये जायेंगे.
बैठक के बाद ही सहमति के मुद्दे यूनियन कर्मियों के बीच आ गये. इसके बाद से ही सभी यूनियनों के निचले कर्मियों तथा आम श्रमिकों तथा कर्मचारियों में भारी नाराजगी शुरू हो गयी है.
उन्होंने कहा कि अन्य सुविधाओं में भले ही अधिकारियों के बराबर सुविधा न मिले, लेकिन मेडिकल के मामले में उन्हें अधिकारियों के समान ही सुविधा मिलनी चाहिए. वे भी अधिकारियों के समान ही राशि का योगदान करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि बीमारी अधिकारी या श्रमिक नहीं देखती है. उन्होंने कहा कि जेबीसीसीआइ-10 के तमाम सदस्यों पर वे दबाब बनायेंगे कि वे कोर कमेटी की इन अनुशंसाओं का समर्थन न करें तथा उन्हें अधिकारियों के समान ही मेडिकेयर योजना लागू कराये.

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