आसनसोल : लोको स्टेडियम में स्थानीय सांसद सह केंद्रीय राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा कि जिस स्तर से यहां आयोजित सांसद मेले का मूल्यांकन किया जा रहा है, वह सही नहीं है. छोटे छोटे मामलों को तूल दिया जा रहा है, बेवजह के मुददे उठाये जा रहे हैं. अर्थशास्त्र की भाषा में इसे माइक्रो प्वाइंट कहते हैं.
उन्होंने कहा कि असल मुददा मूल्यांकन नहीं बल्कि सांसद को उसके संसदीय क्षेत्र में कार्य करने से वंचित करना है. आसनसोल का सांसद होने के नाते अपने संसदीय क्षेत्र को लेकर उनका अपना दायित्व है और यहां के लोगों को उनसे भी बहुत कुछ अपेक्षाएं हैं जिसे पूरा करने से उन्हें रोका जा रहा है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक लडाई हो, तो वे लड़ने को तैयार भी है. क्योंकि उस लड़ाई की हार- जीत से जनता का हित होता है और उन्हें अपनी पसंद का अच्छा नेता मिलता है. पर इस लड़ाई का कोई नतीजा नहीं निकलेगा.जो नतीजा होने को है, उससे आसनसोल के निवासियों को ही नुकसान उठाना पडेगा.
सांसद मेले में केंद्र सरकार की 70 जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ आसनसोल के निवासियों को मिलना था. आधार कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट, उज्जवला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन, आवास योजना, मुद्रा योजना, कृषि संबंधी स्टॉलों से यहां के आम लोगों को ही फायदा होता. मेला न होने के जनसाधारण को होने वाले नुकसान की भरपाई मेले में बाधा देने वालों को ही चूकानी पडेगी.
उन्होंने कहा कि वे स्थानीय श्रम सह विधि मंत्री मलय घटक से आग्रह करेंगे कि पुस्तक मेले के समापन के बाद वहां सांसद मेले के आयोजन की अनुमति दिलायें. वे सारा ढांचा और साजो सामान वहां शिफ्ट करने को तैयार हैं.
आसनसोल में मीका सिंह, अभिजीत, शान, अलका यागनिक जैसे अंतराष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त कलाकार, जिनकी एक झलक पाने को लोग बेताब रहते हैं, नि:शुल्क यहां अपना गायन प्रस्तुत करने के लिए तैयार हुए.
उन्होंने कहा कि मेला का उद्देश्य नगर निगम प्रबंधन को समझना चाहिए था. देश विदेश के बडे बडे अंतराष्ट्रीय स्तर के ओलंपिक से लेकर ऑस्कर तक के आयोजनों में पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जाते हैं उसके बाद मुख्य कार्यकम होते हैं. यहां भी कार्यक्रम होने थे. यह तो संस्कृति है.
मेयर जितेंद्र तिवारी को उपर से जो निर्देश दिये जा रहे हैं, वे उसका पालन कर रहे हैं. उनका कोई दोष नहीं है. वे भी चाहते हैं कि आसनसोल वासियों का हित हो. यह बेहद दुर्भाग्यजनक है, पूरे तैयारी की सूचना केंद्र को दी जा रही थी. इससे आसनसोल की छवि खराब होगी. उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में है, गुरुवार को निर्णय आयेगा. उन्होंने कहा कि स्टेडियम छोटा नहीं है. दमकल की व्यवस्था है, रेलवे का अपनी सर्विलेंस व्यवयस्था है. रेलवे की अपनी ढांचागत व्यवस्था है जिसके हिसाब से यहां अब तक बडे बडे आयोजन होते आये हैं. तब किसी ने रोक नहीं लगायी.
