आसनसोल. केंद्र सरकार की कल्याणकारी, गरीबोन्मुखी योजनाओं तथा सरकारी उपलब्धियों को केंद्र कर आगामी 12 जनवरी से स्थानीय लोको स्टेडियम में प्रस्तावित सांसद मेले की अनुमति आसनसोल नगर निगम प्रशासन के स्तर से न मिलने पर सोमवार को इसके सह आयोजक ‘मी टू वी’ ने सोमवार को कोलकाता हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. आसनसोल नगर निगम प्रशासन के स्तर से हाइकोर्ट में पहले से ही केवियेट दायर होने के कारण कोर्ट ने कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया. संभवत: मंगलवार को इस मुद्दे पर पुन: सुनवायी होगी.
भाजपा के आसनसोल जिलाध्यक्ष तापस राय ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही नगर निगम प्रशासन से इसकी अनुमति मांगी गयी थी. लेकिन नगर निगम प्रशासन के स्तर से इसकी अनुमति नहीं दी जा रही है. राजनीति कारणों से इसमें अड़ंगा लगाया जा रहा है. उनके तथा आयोजकों के स्तर से हर तरह का सहयोग दिये जाने के बाद भी अनुमति नहीं मिल रही. जबकि मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन के रूख को देखते हुए सांसद मेले की सह आयोजक संस्था ‘मी टू वी’ ने सोमवार को कोलकाता हाइकोर्ट में अनुमति के लिए याचिका दायर की है. इसमें आसनसोल नगर निगम प्रशासन, आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमीश्नरेट के आयुक्त, अतिरिक्त जिलाशासक (आसनसोल) तथा आसनसोल साउथ थाना पुलिस को वादी बनाया गया है. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता से मिली जानकारी के अनुसार हाइकोर्ट से सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है. उन्होंने आशा जतायी कि हाइ कोर्ट के स्तर से मिले निर्देश पर मेला आयोजन से जुड़ी परेशानियां दूर हो जायेंगी.
इस संबंध में मेयर जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि निगम प्रशासन का कोई राजनीतिक पूर्वाग्रह नहीं है. किसी भी आयोजन की अनुमति देने के लिए निर्धारित प्रक्रिया है. सांसद मेला काफी बड़ा आयोजन है.
इस कारण अनुमति देने से पहले नगर निगम प्रशासन ने आयोजन की तैयारियों की जांच के लिए तकनीकी कमेटी गठित की थी. जांच के दौरान आयोजकों को भी रहने का आग्रह किया गया था. निगम की तकनीकी टीम ने कुछ कमियां पायी. उन्हें दूर करने के लिए आयोजकों को निगम के स्तर से पत्र जारी किया गया है. निगम प्रशासन आयोजकों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है. उन्होंने कहा कि आयोजकों के हाइकोर्ट में जाने की संभावना को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने पहले ही हाइकोर्ट में केवियट दायर कर रखा था कि इस तरह की याचिका दायर होने पर निगम प्रशासन को भी अपना पक्ष रखने का मौका मिले. इसी के आधार पर हाइकोर्ट ने नगर निगम प्रशासन को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन के अधिवक्ता कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे.
प्रतिशोध की राजनीति कर रही तृणमूल : दिलीप
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस प्रतिशोध की राजनीति पर उतर आयी है.सांसद की ओर से आयोजित कार्यक्रम की अनुमति नहीं देना, यह दर्शाता है कि तृणमूल कांग्रेस राज्य में विकास का कार्य नहीं करना चाहती. वह सिर्फ बदले की राजनीति करने में लगी हुई है. यह बातें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहीं. उन्होंने आश्चर्य जाहिर करते हुए कहा कि बदला भी उस बात का लिया जा रहा है, जिसका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं. सीबीआइ की कार्रवाई पर भाजपा के खिलाफ प्रतिहिंसा की राजनीति करना मूर्खता है.
