आग से झुलसने के बाद जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
पति बुद्धू बाउरी लापता, पुलिस की पहल पर स्थानीय निवासी सक्रिय
सीतारामपुर. मृत सुंदरी हाड़ी (30) का शव पिछले 17 दिनों से आसनसोल मुर्दाघर में रखा हुआ है. उसका शव लेने कोई नहीं आया तो स्थानीय निवासियों ने पुलिस की सहायता से शव को लेकर उसका दाह संस्कार दामोदर नदी के डिसरगढ़ घाट पर किया. नियामतपुर फांड़ी प्रभारी राहुल देव मंडल व स्थानीय भाजपा नेता संतोष वर्मा की सक्रिय भूमिका थी. स्थानीय निवासियों ने भी भागीदारी की.
मालूम हो कि बुद्धु हांडी अपनी पत्नी सुंदरी हांड़ी (30) के साथ गांधी नगर में किराये के मकान में रहता था. बुद्धू दिहाड़ी मजदूरी का काम करता था. आस पास के लोगों के अनुसार पति तथा पत्नी के बीच पिछले दो साल से प्रत्येक दिन लड़ाई तथा मारपीट होती थी. बुद्धु प्रत्येक दिन शराब पीकर मारपीट करता था. चार दिसंबर की रात इसी प्रकार दोनो में लड़ाई हो रही थी .
दोनो में मारपीट भी हुयी. बुद्धु ने अपनी पत्नी की पिटाई करने के बाद उस पर केरोसिन छिड़क कर आग लगा दीय. सुंदरी जोरशोर से चिल्लाने लगी तब बुद्धू ने उसपर लगे आग को बुझाने का प्रयास करने लगा. आसपास के लोगों को बुलाया. आग को बुझाने के दौरान वह भी आग में झुलस गया. स्थानीय लोगों ने भाजपा नेता संतोष वर्मा व पुलिस के सहयोग से दोनो को आसनसोल जिला अस्पताल भेज दिया. जहां सुंदरी को मृत घोषित कर दिया गया. वहीं उसके पति को इलाज के बाद छोड़ दिया गया. उसके बाद से ही स्थानीय पुलिस उसकी तलाश कर रही है. मृत सुंदरी का शव जिला अस्पताल के मुर्दाधर में पड़ा हुआ था. कोई भी शव को लेने नहीं पहुंचा.
17 दिन बीत जाने के बाद स्थानीय फांड़ी प्रभारी राहुल देव मंडल ने शव के दाह संस्कार के लिए स्थानीय लोगों से संपर्क किया. भाजपा नेता संतोष वर्मा व स्थानीय लोगों ने शव का दाह संस्कार का जिम्मा उठाते हुए मुर्दाघर से शव को लेकर डिसरगढ़ श्मशान घाट में उसे पंचतत्वों में विलीन कर दिया गया. मौके पर बिट्टू बाउरी, टुनटुन साव, मोहम्मद शेर खान, रगुला रवानी, झंटू राउत इत्यादि उपस्थित थे.
करीब आठ वर्ष पहले सुंंदरी हांड़ी सीतारामपुर नियामतपुर क्षेत्र में कुड़ेदान से कागज व कुट चुन्ने का कार्य करती थी. वह उसे इक्ट्ठा कर कबाड़ीखाना में बेचा करती थी. उसी बीच बुद्धु से उसका संपर्क हुआ व उसके साथ रहने लगी. दोनों ने शादी कर ली. बुद्धू की शादी पहले भी हुयी थी. परंतु किसी कारणवश दोनो अलग हो गये थे. पहली पत्नी राधानगर अपने मां के पास चली गयी. उसके बाद सुंदरी से प्रेम हुआ व शादी हुयी थी.
