िवभिन्न अस्पतालों, नर्सिंग होम से संबंध
दो नवजात शिशुओं को बेच चुकी है इसके पहले
पानागढ़/बर्दवान. शिशु तस्करी कांड में गिरफ्तार लाइफ नर्सिंग होम की परिचारिका रौशना बीबी ने पुिलसिया पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे िकये हैं. इससे पुलिस भी सकते में आ गयी है. दूसरी ओर, जांच में पुिलस ने पाया कि रौशना आया के काम की आड़ में शिशु तस्करी करती थी. विभिन्न नर्सिंग होम व अस्पतालों से उसके संबंध थे. देर रात तक काले शीशे वाली कारों में वह घूमती थी.पूछताछ में रौशना ने बताया है िक शिशु तस्करी या नवजात शिशुओं को बेचने का यह पहला मामला नहीं है.
इसके पूर्व वाहिर सर्वमंगला स्थित घर से वह दो और नवजात शिशुओं को बेच चुकी है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि रौशना ने बताया कि महज तीन माह पूर्व ही उसने मुर्शिदाबाद जिले के कांदी निवासी शेख रमजान अली को महज 12 हजार रुपये में एक शिशु की बिक्री की थी. इसके अलावे 15 हजार रुपये में एक शिशु कन्या को उतर प्रदेश में शेख असरफ नामक एक व्यक्ति को बेच दिया था. इन दोनों शिशुओं को बर्दवान नवाबहाट नर्सिंग होम तथा महाजन टोली पाड़ा के नर्सिंग होम से उसने िलया था.
पुलिस सूत्रों ने बताया िक रौशना मूलरूप से जिले के भतार थाना के मुरातिपुर ग्राम की रहने वाली है. उसके पति ने उसे छोड़ िदया है. िफलहाल वह वाहिरी सर्वमंगला पाड़ा में घर भाड़ा लेकर रहती है. बर्दवान के बासुदेव मंडल के साथ उसका संबंध था. रोगियों को अस्पतालों से नर्सिंग होम में भरती का भी काम एजेंट के रूप में करती है. कुंवारी युवतियां जो प्रसव के बाद घरवालों के दबाव में नवजात को छोड़ जाती है, उसे बेचने का काम करती है.
इस काम में बासुदेव मंडल उसका साथ देता है. कुंवारी कन्याओं को प्रसव के िलये नर्सिंग होम में भरती कराने पर भी नर्सिंग होम मालिकों से मोटी रकम लेती है. गर्भपात के बाद शिशुओं को बेचने का कार्य करती है. इस काम में नर्सिंग होम मालिकों की भी मिलीभगत है. बर्दवान मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रणव राय ने कहा िक नियमों की अनदेखी कर गैरकानूनी कार्य करने वाले नर्सिंग होम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.
