खनन प्रबंधन पर देना होगा अधिक जोर

अलर्ट. इसीएल में बढ़ती खान दुर्घटनाओं पर प्रबंधन ने जतायी चिंता सांकतोड़िया : इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (इसीएल) मुख्यालय के प्रशासनिक भवन के सम्मेलन कक्ष में गुरुवार को तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में कॉरपोरेट सेफ्टी कमेटी की बैठक हुयी. इसमें महाप्रबंधक (सुरक्षा) सुशांत बनर्जी, सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक तथा कॉरपोरेट सेफ्टी […]

अलर्ट. इसीएल में बढ़ती खान दुर्घटनाओं पर प्रबंधन ने जतायी चिंता
सांकतोड़िया : इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (इसीएल) मुख्यालय के प्रशासनिक भवन के सम्मेलन कक्ष में गुरुवार को तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में कॉरपोरेट सेफ्टी कमेटी की बैठक हुयी. इसमें महाप्रबंधक (सुरक्षा) सुशांत बनर्जी, सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक तथा कॉरपोरेट सेफ्टी कमेटी के शामिल यूनियन प्रतिनिधि तापस घोष (बीएमएस), केशव मुखर्जी (इंटक), कल्याण बनर्जी (एटक), विनोद सिंह (सीटू) तथा जितेन मंडल (यूटीयूसी) आदि शामिल थे.
बैठक को संबोधित करते हुए तकनीकी निदेशक (योजना व परियोजना) श्री सिंह ने कहा कि कंपनी में लगातार खान दुर्घटनाएं बढ़ रही है. इनमें कंपनी के संपद श्रमिकों की मौत भी हुयी है.
इनसे प्रबंधन की चिंता लगातार बढ़ रही है. चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक कुल आठ श्रमिकों की मौत विभिन्न दुर्घटनाओं में हो चुकी है. जबकि पिछले वर्ष पूरे वित्तीय वर्ष में हुयी दुर्घटनाओं में छह श्रमिकों की मौत हुयी थी. उन्होंने कहा कि खदानों में जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रबंधन लगातार प्रयासकर रहा है. लेकिन परिणाम इसके विपरीत आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस ट्रेंड को शीघ्र रोकने की जरूरत है.
इसके कारणों को खोजने के लिए अधिकारियों से लेकर श्रमिकों तथा यूनियन नेताओं को भी मंथन करना होगा. उन्होंने कहा कि प्रबंधन का मानना है कि खदान प्रबंधन तथा निरीक्षण में कमी रह जाने के कारण ही दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं. इनमें सुधार लाकर दुर्घटनाओं की संख्या नियंत्रित की जा सकती है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा में अब कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
क्षेत्रीय प्रबंधन सुरक्षा के प्रति गंभीर व जिम्मेवार बने. अपना दायित्व समङो तथा दुर्घटना न होने की गारंटी करें. कंपनी मुख्यालय के स्तर से हर सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. उन्होंने कहा कि खदान प्रबंधन में सुधार होने से छोटी-छोटी दुर्घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण हासिल किया जा सकता है. उन्होंने क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को सुरक्षा से संबंधित कई सुझाव तथा निर्देश दिये. तकनीकी निदेशक श्री सिंह ने कहा कि खुली खदानों में भूमिगत डेवलप गैलरी के ऊपर खनन ऑपरेशन के दौरान ही अधिसंख्य दुर्घटनाएं हुयी हैं.
खुली खदानों में सरफेस मार्किग जरूरी है. जहां गैलरी हैं, वहां भारी मशीन व भारी वाहनों का परिचालन बंद किया जाये. उन्होंने कहा कि वैसे स्थलों पर डेंजर के निशान लगाये जाये ताकि वाहनों के चालकों व मशीन के ऑपरेटरों को उधर जाने से रोका जा सके. सुरक्षित स्थलों पर हरे रंग के झंड़ों का उपयोग कर उत्पादन से संबंधित गतिविधियां तीव्र गति से संचालित हो सकती हैं. बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने भी भी अपने-अपने सुझाव दिये. जबकि क्षेत्रीय महाप्रबंधकों ने तकनीकी समस्याएं रखी. कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिये गये.

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