प्रक्रिया. चार लाख कोयला श्रमिकों के नये वेतन समझौते के लिए वार्ता का दौर शुरू
आसनसोल. चार लाख कोयला श्रमिकों तथा ठेका श्रमिकों के दसवें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते के लिए गठित दसवीं जेबीसीसीआइ की बैठक छह-सात को जयपुर में होगी. यह जानकारी जेबीसीसीआइ के सदस्य आरसी सिंह (एटक) तथा शिवकांत पांडेय (एचएमएस) ने संयुक्त रूप से दी. उन्होंने कहा कि इस बैठक में विभिन्न केंद्रीय यूनियनों के स्तर से दिये गये मांग पत्र पर चर्चा होगी. सनद रहे कि पहली बार वेतन समझौते के लिए हो रही बैठक में इंटक का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा.
एटक नेता श्री सिंह तथा एचएमएस नेता श्री पांडेय ने कहा कि बीते 18 नवंबर को कोल इंडिया लिमिटेड प्रबंधन ने जसवीं जेबीसीसीआइ के गठन की अधिसूचना जारी की. इसमें सीआइएल के चेयरमैन एस भट्टाचार्या को चेयरमैन तथा कंपनी के निदेशक (कार्मिक व औद्योगिक संबंध) आर मोहनदास को सचिव बनाया गया है. प्रबंधन के स्तर से 14 प्रतिनिधि शामिल किये गये हैं.
जबकि गैर इंटक चार केंद्रीय यूनियनों से 14 स्थायी तथा 14 वैकल्पिक प्रतिनिधि शामिल किये गये हैं. इनमें बीएमएस तथा एचएमएस के चार-चार तथा एटक व सीटू के तीन-तीन स्थायी तथा इतने ही वैकल्पिक सदस्य शामिल किये गये हैं. कोर्ट में मामला लंबित होने के कारण इंटक को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है. विवाद समाप्त होने के बाद इंटक के चार स्थायी व चार वैकल्पिक प्रतिनिधि मनोनीत किये जायेंगे. इसके साथ ही महाप्रबंधक (कार्मिक व अपील) तृप्तिपराग साव को जेबीसीसीआइ का कोऑर्डिनेटर बनाया गया है. सीआइएल में जेबीसीसीआइ को कोर कमेटी उनका सहयोग करेगी.
नेता द्वय ने कहा कि जेबीसीसीआइ-10 की पहली बैठक में पांच केंद्रीय यूनियनों द्वारा बीते 27 अप्रैल को सीआइएल प्रबंधन को सौंपे गये संयुक्त मांगपत्र पर चर्चा की जायेगी. उन्होंने कहा कि पहली बार पांच केंद्रीय यूनियनों ने प्रबंधन को संयुक्त रूप से मांग पत्र सौंपा है.
इसके पहले केंद्रीय यूनियनें अपने-अपने स्तर से मांगपत्र पेश करती थी. इस मांग पत्र पर आइएनएमएफ (इंटक) के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह व महासचिव एसक्यू जमा, एबीकेएमएस (बीएमएस) के अध्यक्ष बीके राय व महासचिव पीके दत्ता, आइएमडब्ल्यूएफ (एटक) के अध्यक्ष वाइ गतैया व महासचिव रमेन्द्र कुमार, एचकेएमएफ (एचएमएस) के अध्यक्ष नत्थूलाल पांडेय व महासचिव राजेन्द्र प्रसाद सिंघा तथा एआइसीडब्ल्यूएफ (सीटू) के अध्यक्ष वासुदेव आचार्या व महासचिव डीडी रामानंदन के हस्ताक्षर है. इन मांगों में वेजेस से संबंधित 16 मांगों शामिल की गयी हैं. जिनमें नये बेसिक के लिए बेसिक, वीडीए, एसडीए के साथ ही 17.95 फीसदी उपस्थिति भत्ता को मिला कर तय करने तथा 30 जून को मिले वेसिक से कम से कम 50 फीसदी की न्यूनतम वृद्धि की गारंटी करना शामिल है. उन्होंने कहा कि अधिकारियों के तर्ज पर कोयला श्रमिकों व कर्मचारियों को भी पर्क्स की मांग की गयी है तथा इसमें 10 मुद्दे शामिल किये गये हैं. लीव व कैश से जुड़े 12 मुद्दे तथा पेंशन से संबंधित आठ मुद्दे शामिल हैं. इसमें हर कोयला कर्मी के लिए कम से कम दस हजार रुपये पेंशन की मांग की गयी है.
उन्होंने कहा कि विभिन्न केंद्रीय यूनियनों के संयुक्त मांगपत्र होने के कारण चर्चा करने तथा निर्णय लेने में सुविधा होगी. पहले हर केंद्रीय यूनियन से अलग-अलग मांग पत्र दिये जाने के कारण यूनियनों के बीच सहमति बनने में काफी समय लग जाता था. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. सभी केंद्रीय यूनियनों के प्रतिनिधि सम्मिलित रूप से अपनी बौत रख पायेंगे. इससे प्रबंधन को भी निर्णय लेने में सुविधा होगी. उन्होंने कहा कि इंटक के प्रतिनिधि न होने के कारण चार केंद्रीय यूनियनों के प्रतिनिधियों पर यह दायित्व बढ़ गया है कि वे कोयला श्रमिकों के हित में अधिक से अधिक बेहतर वेतन समझौता कराये. ताकि कोयला श्रमिकों को इंटक के न होने का मलाल न रह जाये.
