रानीगंज. मुसलिम पर्सनल लॉ में सरकारी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. यह बात गुरुवार को रानीगंज के नवीनगर क्षेत्र में तंजीम उलमा-ए-अहेले सुन्नत की ओर से आयोिजत पत्रकार सम्मेलन में इमाम मौलाना मुजफर हुसैन रिजवी ने कही. उन्होंने कहा कि शादी-विवाह, तालाक आदि कुछ चीजें ऐसी है, जो हर धर्म के लोग अपनी-अपनी संस्कृति के तहत संचालित करते हैं. अलग-अलग संस्कृतियों के लिए एक कानून, समान कानून कैसे संभव है?
इस अवसर पर विभिन्न मसजिदों के इमाम उपस्थित थे. मौलाना फारुक, मौलाना नसीमुद्दीन, हाफीज अहमद, राजा नूरी, मौलाना सलीमुद्दीन, मौलाना रिजवान, मौलाना अनवर राजा, मौलाना अनवर हुसैन, हाफिज जावेद आदि उपस्थित थे. मौलाना फारुक ने कहा कि जन हस्ताक्षर के माध्यम से प्रधानमंत्री द्वारा इस्लाम के नये कानून के प्रस्ताव का विरोध किया जायेगा. पूरे देश के मुसलिम मोदीजी के इस निर्णय का कड़ा प्रतिवाद करने सड़कों पर उतरेंगे एवं जरुरत पड़ें तो सुप्रीम कोर्ट जायेंगे.
