अपना घर हर परिवार का सपना होता है. लेकिन जमीन रहने के बाद भी अर्थाभाव में अधिसंख्य परिवार अपना घर नहीं बना पाते हैं. आसनसोल नगर निगम की पहल पर राज्य व केंद्र सरकार ने ऐसे 22 हजार परिवारों के लिए डीपीआर को मंजूरी दे दी है.
आसनसोल. आसनसोल नगर निगम के 22 हजार से अधिक आवासहीन परिवारों को शीघ्र ही अपना मकान मिल जायेगा. ‘सबके लिए आवास (हाउस फॉर ऑल) योजना के तहत केंद्र सरकार ने गुरुवार को इन आवासों के लिए बने विस्तृत योजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी दे दी. मेयर जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार से राशि आवंटित होते ही इन परिवारों के लिए मकान बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.
मेयर श्री तिवारी ने कहा कि ‘अपना मकान या अपना घर’ हर परिवार का लक्ष्य होता है. इस भावना को सामने रख कर ही ‘सबसे लिए आवास’ योजना को मंजूरी दी गयी थी. इस योजना में लाभुकों को अपने स्तर से 36 हजार रुपये का निवेश करना पड़ता है. मकान की पूरी लागत 3.64 लाख रुपये होती है. इसके निर्माण में स्थानीय शासी निकाय (यूएलबी) का सहयोग रहता है. लाभुक के 36 हजार के निवेश के बाद 3.28 लाख रुपये में से केंद्र सरकार 40 फीसदी राशि यानी 1,31,200 रुपये का अंशदान करेगी. जबकि राज्य सरकार को 60 फीसदी यानी 1, 96, 800 रुपये का अंशदान करना होगा. आसनसोल नगर निगम के स्तर से इन आवासों में बुनियादी सुविधा उपलब्ध करानी होगी.
उन्होंने कहा कि इसके लिए नगर निगम प्रशासन के स्तर से व्यापक सव्रे किया गया था. इसके लिए उन परिवारों का चयन किया गया, जिनके पास अपनी जमीन तो है, लेकिन वे गर नहीं बना रहे हैं. प्रत्येक वार्ड से कमोवेश दो-दो सौ ऐसे परिवारों का चयन किया गया. सभी 106 वार्डो में 22 हजार से भी अधिक ऐसे परिवारों को सूचीबद्ध कर इस योजना का डीपीआर राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा गया. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले ही संबंधित अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर इसकी जांच की थी. राज्य सरकार ने पहले ही इस डीपीआर को मंजूर कर केंद्र सरकार को अग्रसारित कर दिया था. केंद्र सरकार के स्तर से भी गुरुवार को इसकी मंजूरी मिल गयी. मेयर श्री तिवारी ने कहा कि इन 22 हजार परिवारों के लिए यह नगर निगम प्रशासन के स्तर से पूजा का चतोहफा होगा.
कुछ माह के बाद ही वे अपने घर में खुद को पाकर काफी खुश महसूस करेंगे. उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्यस्तर से शीघ्र ही इस मद में आवंटित राशि प्राप्त हो जायेगी. राशि प्राप्ति के बाद ही इन आवासों का निर्माण शुरू कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि लाभुक चाहे तो अतिरिक्त राशि खर्च कर अपने आवास में बदलाव कर सकते हैं. राशि मिलने के बाद आवास निर्माण की नीति व कार्यप्रणाली तय की जायेगी.
